कन्नौज। शहर के एक निजी होटल में शनिवार को भाजपा ने अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने के लिए सर्वदलीय शोकसभा आयोजित की। इस कार्यक्रम से सपा और बसपा ने दूरी रखी लेकिन कांग्रेसी पहुंचे। भाजपाइयों के साथ व्यापारियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी।
प्रदेश सरकार में खनन, आबकारी एवं मद्य निषेध राज्यमंत्री अर्चना पांडेय ने कहा कि अटलजी ही दुनिया में एक नीति की राजनीति चाहते थे। उनका मानना था कि सभी दलों का सामंजस्य होना चाहिये। उनके आदर्श और चरित्र से प्रेरणा लेकर राजनीति करनी चाहिए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय मिश्रा ने कहा कि अटलजी एक सच्चे राष्ट्रभक्त थे। वह अद्वितीय प्रतिभा के धनी थे, इसीलिए राजनैतिक भावना से परे पूरा देश उनका सम्मान करता है। भाजपा उमाकांत मिश्रा ने कहा कि अटलजी ने गठबंधन का धर्म निभाते हुए, 24 दलों को साथ लेकर पूरे पांच वर्ष सरकार चलाई। अनिल गुप्ता ने कहा कि मैं अपने को सौभाग्यशाली मानता हूँ कि अपने राजनैतिक जीवनकाल में उनका सानिध्य प्राप्त हुआ।
नीरज मेहरोत्रा ने कहा कि अटलजी भावनात्मक शैली से विरोधियों में स्थान बनाने में सफल रहे। भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत ने कहाकि अटलजी के निधन से भारतीय राजनीति की अपूर्णनीय क्षति हुई है। प्रोफेसर रमेश तिवारी विराम, तिर्वा विधायक कैलाश राजपूत, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष केशवदास टंडन, कांग्रेस प्रदेश सचिव ऊषा दुबे, पूर्व विधायक बनवारीलाल दोहरे, हाकिम सिंह, तिर्वा बार एसोसिएशन अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह यादव, गुरसहायगंज चेयरमैन धीरेंद्र आर्य, तिर्वा की रानी सुनीता सिंह, दिनेश गुप्ता, भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष अरुण कुमारी शाक्य, पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष रामेंद्र त्रिवेदी, संघ से विभाग प्रचारक मधुराम, सदर नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र अग्निहोत्री ने भी विचार रखे।
अटल के आदर्शों पर राजनीति करनी चाहिए : अर्चना
सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा में भाजपाइयों, कांग्रेसियों, व्यापारियों ने किया पूर्व पीएम को नमन
क्रासर
सपा और बसपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता नहीं पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
फोटो 25केएनजेपी 21- पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करतीं राज्यमंत्री अर्चना पांडेय।
फोटो 25केएनजेपी 22- श्रद्धांजलि सभा में बोलते प्रोफेसर रमेश तिवारी विराम।
फोटो 25केएनजेपी 23- श्रद्धांजलि सभा में मौजूद भाजपाई, कांग्रेसी व समाजसेवी व अन्य।