कन्नौज। केंद्र सरकार खेलकूद को बढ़ावा दे रही है। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को बतौर खिलाड़ी तैयार करने के लिए एक करोड़ पांच लाख तीस हजार की धनराशि आवंटित की गई है। इस धनराशि से प्राथमिक विद्यालय को पांच हजार व उच्च प्राथमिक विद्यालय को खेलकूद का सामान खरीदने के लिए 10 हजार रुपये दिए गए हैं। शिक्षकों का कहना है कि सामान के लिए धनराशि पर्याप्त है। इससे अध्ययनरत छात्रों का खेलों के प्रति रुझान बढ़ेगा। जिले में 1200 प्राथमिक व 453 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं।
समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना व बजट 2018-19 में केंद्र सरकार ने प्राथमिक विद्यालय को 5 हजार व उच्च प्राथमिक विद्यालय को 10 हजार की धनराशि भेजी है। राज्य परियोजना निदेशक ने निर्देश दिए हैं कि खेलकूद का सामान खरीदते समय स्थानीय स्तर पर खेले जाने वाले पारंपरिक खेलों पर फोकस किया जाए। जिन विद्यालयों में खेल का मैदान उपलब्ध नहीं है, वहां इनडोर गेम को ध्यान में रखकर खेल सामग्री का चयन करें। इससे छात्र पूरी तरह लाभान्वित हो सकें। खेल सामग्री खरीदने के लिए प्रधानाध्यापक की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जाएगा। इसमें प्रधानाध्यापक, अध्यक्ष विद्यालय प्रबंध समिति व दो जागरूक अभिभावकों को रखा जाएगा। चयनित अध्यापक व अनुदेशक (शारीरिक शिक्षा) की देखरेख में छात्रों की समिति बनेगी। यह समिति छात्रों में विभिन्न खेलों हेतु रुचि जागृत करने के साथ ही खेल सामग्री उपलब्ध कराने व उसके रख-रखाव पर ध्यान देगी। निर्देश है कि जिन विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा अनुदेशक की नियुक्ति है, वे अपनी विशेषज्ञता वाले खेलों को जरूर खिलाएं। उस खेल की एक टीम भी तैयार की जाए। माह के पहले व तीसरे शनिवार को विद्यालय स्तर पर टीम बांटकर प्रतियोगिता कराई जाए। बीएसए दीपिका चतुर्वेदी ने कहा कि केंद्र सरकार की यह योजना खेलों के प्रति बढ़ावा देने के लिए बेहतर है। इससे छात्रों का खेलों के प्रति रुझान बढ़ेगा। प्रतिभावान छात्र आगे बढ़ सकेंगे।
माह के अंतिम शनिवार को होगी प्रतियोगिता
खेलकूद को बढ़ावा देने व ग्रामीण क्षेत्र में छुपी प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए परिषदीय विद्यालयों में माह के अंतिम शनिवार को ग्राम पंचायत स्तर पर प्रतियोगिता कराई जाएगी। इसमें ग्रामसभा के अंतर्गत आने वाले विद्यालय प्रतिभाग करेंगे। न्याय पंचायत स्तर पर तीन माह में एक बार द्वितीय शनिवार को खेलों की प्रतियोगिता कराई जाएगी। इसमें उस न्याय पंचायत के समस्त विद्यालय प्रतिभाग करेंगे। न्याय पंचायत स्तर पर प्रतियोगिता कराए जाने की जिम्मेदारी न्याय पंचायत समन्वयक की होगी।
राज्य स्तर की प्रतियोगिता में कराएंगे प्रतिभाग
राज्य परियोजना निदेशक ने खिलाड़ियों को प्रतिभाग कराने की जिम्मेदारी जिला व्यायाम शिक्षक, ब्लाक व्यायाम शिक्षक व शारीरिक शिक्षा के अंशकालिक अनुदेशक को सौंपी है। निर्देश दिए कि चयनित खेल सामग्री का रख-रखाव बेहतर रखा जाए। बच्चों को न्याय पंचायत, ब्लाक, जिला व राज्य स्तर पर आयोजित होने वाली विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करें।
पहली बार खेलकूद सामग्री के लिए मिला पैसा
परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कुछ विद्यालय ऐसे थे, जहां शिक्षकों ने स्वयं के संसाधन अथवा कंपोजिट ग्रांट से कटौती कर खेलकूद सामग्री खरीदी थी। खेलकूद सामग्री न होने से जिला व ब्लाक स्तर पर होने वाली खेलकूद प्रतियोगिताओं में इन विद्यालयों के छात्र बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाते थे। विद्यालय में खेलकूद सामग्री होने पर छात्र खेलों के प्रति जागरूक हो सकेंगे। पूर्व में शासन से केवल ब्लाक व जिला स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित कराए जाने के लिए कुछ बजट का प्रावधान था।
अब परिषदीय विद्यालयों से भी निकलेंगे खिलाड़ी
प्राथमिक के लिए पांच हजार व उच्च प्राथमिक
के लिए दस हजार धनराशि भेजी गई,विद्यालयों में खरीदा जाएगा खेलकूद का सामान