तिर्वा(कन्नौज)। बीडीओ की ओर से दो गांवों में आवास सूची की स्थलीय जांच की गई। इसमें 20 आवासों के आवेदकों में 12 अपात्र निकले। इस पर बीडीओ ने संबंधित सचिवों की लापरवाही मानते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
सरकार ने जरूरतमंदों को आवास मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं इस योजना में अपात्रों को शामिल कर लिया गया। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने बीडीओ से की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुई बीडीओ सरला देवी ने जांच की। सुखी गांव की स्थलीय जांच में सात लोग अपात्र मिले। सिकरोरी गांव में पांच अपात्रों को आवास दे दिए गए। बीडीओ सरला देवी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास प्लस योजना में अपात्रों को आवास देने के मामले का खुलासा हुआ है। सुखी गांव में नौ आवेदकों में सात अपात्र निकले। सिकरोरी में 11 लोगों की सूची में पांच अपात्र मिले हैं।
लापरवाही पर दो रोजगार सेवक बर्खास्त
मनरेगा समेत अन्य विकास कार्यों में लापरवाही करने पर दो रोजगार सेवकों को प्रशासन ने बर्खास्त कर दिया है। बीडीओ सरला देवी ने बताया कि भदौसी गांव में तैनात रोजगार सेवक ने कार्य में लापरवाही बरती है। वहीं कुढ़िना गांव के रोजगार सेवक ने अभी तक किसी भी काम को पूरा नहीं किया। बुलाने पर भी वह ब्लाक नहीं आते हैं। वहीं सुखी गांव के रोजगार सेवक ने शिक्षक पद पर तैनाती मिलने के बाद नौकरी से त्याग पत्र दे दिया है।