झांसी। गढ़मऊ झील के पास 125 एकड़ भूमि में चिड़ियाघर बनाया जाएगा। इस पर करीब 300 करोड़ की लागत आएगी। वन विभाग ने जमीन का प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेज दिया है। शासन से अनुमति मिलते ही विभाग डीपीआर तैयार करेगा। वन विभाग का दावा है कि यह प्रदेश का सबसे बड़ा चिड़ियाघर होगा।
झांसी में चिड़ियाघर बनाने के लिए शासन स्तर से अनुमति जारी हो गई है। वन विभाग को निर्देश दिए गए थे कि वह जल्द ही जमीन की तलाश करें। विभाग ने गढ़मऊ झील से तीन किलोमीटर दूर स्थित एक बड़े इलाके को चिन्हित किया है। वन विभाग के अफसरों ने जो शासन को रिपोर्ट भेजी है उसके मुताबिक यहां चिड़ियाघर बनाया जा सकता है। झील के आसपास पानी की भी उपलब्धता रहती है। यह इलाका पूरी तरह सुरक्षित भी है। माना जा रहा है कि जल्द ही शासन जमीन के प्रस्ताव पर मुहर लगा देगा। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक गढ़मऊ झील नजदीक होने के कारण चिड़ियाघर में पानी की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। जमीन के अधिग्रहण के लिए शासन से पत्राचार को शुरू कर दिया गया है। डीपीआर के लिए भी जल्द ही कवायद की जाएगी। चिड़ियाघर में वन कर्मियों के आवासों भी बनाए जाएंगे। मुख्य द्वार से लेकर अंदरूनी सड़कों का निर्माण भी यहां कराया जाएगा।
चिड़ियाघर के निर्माण के लिए गढ़मऊ स्थित सिंचाई विभाग की 125 एकड़ जमीन को चिह्नित किया गया है। जमीन के अधिग्रहण के लिए शासन में प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से हरी झंडी मिलते ही चिड़ियाघर के निर्माण की प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा।
पीपी सिंह, मुख्य वन संरक्षक, बुंदेलखंड जोन
तितलीघर होगा मुख्य आकर्षक
चिड़ियाघर में तितली जोन भी बनाया जाएगा। तितली घर में बुंदेलखंड की प्रजाति की तितलियों के साथ ही देसी व विदेशी तिललियों को रखा जाएगा। जो सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। वन अफसरों का कहना है कि बच्चे तितलियों को देखने के लिए आएंगे।
चिड़ियाघर में होंगे यह जानवर
चिड़ियाघर में दरियाई घोड़ा, जेबरा, शेर, चीता, तेंदुआ, मछलियां, मगरमच्छ, मोर, ऊंट, के साथ ही कई विदेशी जानवरों को रखा जाएगा।