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Jhansi News: स्टार्टअप से युवाओं ने भरी उड़ान, सोच को मिला सम्मान

Mon, 16 Dec 2024 10:49 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
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हैकाथॉन 2.0 में स्टार्टअप के साथ आए युवाओं को मिली इनामी राशि

युवा उद्यमियों की बनी बात, कृषि विश्वविद्यालय और राइज झांसी का मिला साथ



संवाद न्यूज एजेंसी

झांसी। खुद की सोच से स्टार्टअप के जरिये युवा उद्यमिता के क्षेत्र में उड़ान भर रहे हैं। ऐसे ही युवा उद्यमियों का मंच केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय और राइज झांसी ने सजाया। इसमें देशभर के 100 से अधिक युवा उद्यमियों ने हिस्सा लिया। इनमें से स्वदेशी गेमिंग पर काम कर रहे निंबस गेमिंग को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया।



इसके साथ ही अन्य श्रेणियों में भी युवाओं को इनामी राशि प्रदान की गई। प्रथम पुरस्कार के रूप में एक लाख, द्वितीय में 50 हजार और तृतीय में 21 हजार और महिला वर्ग में 21 हजार रुपये दिए गए। युवा नवोन्मेषक सम्मेलन और राइज झांसी हैथाकॉन 2.0 का समापन समारोह शनिवार को कृषि विश्वविद्यालय सभागार में हुआ। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि नई दिल्ली स्थित कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल के अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार रहे। वहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने की। इससे पहले, पूरे देश से आए स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं ने अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। निर्णायक मंडल में शामिल झांसी नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. धीरेंद्र गुप्ता और अन्य ने सभी प्रोजेक्ट और स्टार्टअप को बारीकी से परखा और अपना निर्णय सुनाया।
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इन श्रेणी में इन्हें मिला पुरस्कार



स्वदेशी गेमिंग में आगे बढ़ रहे निंबस को स्टार्ट-अप श्रेणी में पहला पुरस्कार प्रदान किया गया। दूसरा पुरस्कार सुरक्षा कवच और तीसरा पुरस्कार मत्स्य संरक्षण और महिला श्रेणी में डिजिडिऑर को दिया गया। वहीं, इनोवेटिव इ आइडियाज श्रेणी में प्रथम पुरस्कार अदीबा और उनकी टीम, द्वितीय पुरस्कार इमरान अली और उनकी टीम और तृतीय पुरस्कार विशाल मंडल और सिरनजीत कौर को प्रदान किया गया।

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ये बोले युवा उद्यमी

निंबस गेमिंग के संस्थापक विपुल परमार ने बताया कि देश की यह पहली कंपनी हैं, जो भारत में ही गेमिंग से जुड़े उपकरण बना रही है। सह संस्थापक हिमांशु प्रजापति ने बताया कि वह ऐसी कंपनी नहीं बनना चाहते, जो चीन से सामान खरीदकर उस पर अपने नाम की मोहर लगाकर भारत में बेच दे। हमारा लक्ष्य है कि डिजाइनिंग से लेकर निर्माण तक की पूरी प्रक्रिया अपने ही देश में हो और प्रयास है कि इसकी फैक्टरी भी हमारे देश में ही स्थापित हो। उनके मैकेनिकल की-बोर्ड का तैयार प्रोटोटाइप का एमवीपी लांच भी कार्यक्रम के दौरान ही हुआ।
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डिजिडिऑर की संस्थापक हर्शाली ढापले बताती हैं कि इनका जीरो वेस्ट आधारित सोशल मीडिया मार्केटिंग स्टार्टअप है। इसके लिए सीजेआई ग्राफिक्स और एनिमेशन का भी सहारा लिया जा रहा है। जीरो वेस्ट यानी जो भी बिजनेस अपने प्रमोशन के लिए इस स्टार्टअप को पैसा फीस के रूप में देता है, उनका इंवेस्टमेंट सुरक्षित रहेगा। उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा। इनका दावा है कि मार्केटिंग के बल पर निवेश से ज्यादा का बिजनेस बढ़ा कर दिया जाता है।
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