कॅरियर के लिए युवाओं की पसंद बनने लगा योग
झांसी। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाया जाएगा। इसके अस्तित्व में आने के बाद देश और दुनिया में तेजी से योग को अपना जा रहा है। योग अब महज शरीर को स्वस्थ रखने का ही जरिया बनकर नहीं रह गया है, बल्कि इसमें कॅरियर बनाने की बेशुमार संभावनाएं भी बन गई हैं। कई डिग्री, डिप्लोमा और प्रमाणपत्र कोर्स महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों में संचालित होे रहे हैं।
शरीर को पूर्णत: स्वस्थ रखने के लिए लोग लगातार योग को अपना रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून घोषित होने के बाद संपूर्ण विश्व में योग के प्रति लोगों में तेजी से रुझान बढ़ा है। भारत में नहीं, बल्कि कई देशों में योग प्रशिक्षकों की मांग तेजी से होने लगी है। प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक से उत्तर प्रदेश योग रत्न से सम्मानित हो चुके शिक्षक अजय रजक के अनुसार लोनावाला योग संस्थान महाराष्ट्र, मोरार जी देसाई नेशनल इंस्टीट़यूट नई दिल्ली, देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार, गुरुकुल कांगडी विश्वविद्यालय हरिद्वार, भारतीय विद्या भवन, स्वामी विवेकानंद योग अनुसंधान संस्थान बंगलूरू आदि संस्थाओं में योग का डिग्री कोर्स कराया जाता है। डिग्री व डिप्लोमा प्राप्त कर युवा आज योग स्कूल खोल रहे हैं और इसके अलावा स्कूल-कॉलेजों में योग की पढ़ाई करा रहे हैं। छह माह से लेकर दो वर्ष तक के डिग्री, डिप्लोमा कोर्स होते हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पटियाला से भी प्रशिक्षण तथा सर्टिफिकेट कोर्स होता है। झांसी में योग का डिप्लोमा व डिग्री प्राप्त युवा लगभग 200 हैं। इनमें विकास वर्मा, प्रमोद यादव विदेशों में योग सिखा रहे हैं।
रोजगार के कई अवसर हैं
योग में कॅरियर की शुरूआत कक्षा 12 अथवा स्नातक के बाद की जा सकती है। योग में बैचलर आफ आर्ट्स, मास्टर आफ आर्ट्स के साथ ही योग थैरेपी कोर्सेज की मांग है। योग का प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा योग एयरोबिक्स इंस्ट्रक्टर, योग थैरेपिस्ट, योग टीचर, योग रिसर्च ऑफीसर आदि पदों पर काम किया जा सकता है। स्वयं का योग स्कूल भी खोल सकते हैं।
योग में मास्टर इन योगा किया हुआ है। जल्द ही योगा टीचर की नौकरी मिल गई। सरकारी कॉलेजों में भर्ती निकलने पर आवेदन करेंगे। - रेनू सक्सेना, नरसिंह राव टोरिया।
योग शरीर को स्वस्थ रखने के लिए एक बेहतर माध्यम है। सरकार के प्रोत्साहन के कारण योग शिक्षकों की नियुक्तियां स्कूलों में होने लगी हैं। - भावना, गोलाकुआं
नेशनल योगा चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने के बाद बच्चों व अन्य लोगों को योग का प्रशिक्षण देने लगा। इससे कॅरियर तो बेहतर बन ही गया, आय भी होने लगी। - सतीश कुमार, दतिया गेट
योग की मांग अब हर जगह होने लगी है। लगभग प्रत्येक स्कूल-कॉलेजों में योग शिक्षक की महत्ता बढ़ गई है। युवा इसमें कॅरियर बनाना पसंद करने लगे हैं। - राजीव कुमार, पुलिया नंबर नौ।