- परिजन ने भांडेर अस्पताल के सामने सड़क पर जाम लगा दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
दतिया। सरसई थाना क्षेत्र के ग्राम बैंदा में मंगलवार-बुधवार की रात एक 20 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जब सुबह युवक काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आया तो परिजन कमरे में पहुंचे तो वह फंदे पर लटक रहा था। जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया। यहां पोस्टमार्टम में देरी होने पर परिजन ने भांडेर अस्पताल के सामने सड़क पर जाम लगा दिया। जाम दोपहर तीन बजे तक लगा रहा।
ग्राम बैंदा निवासी विकास (20) पुत्र करन सिंह कुर्मी मंगलवार को रात 10 बजे तक दोस्तों के साथ रहा। इसके बाद वह घर आया और सोने के लिए कमरे में चला गया। सुबह काफी देर तक वह कमरे से बाहर नहीं आया तो परिजन उसके कमरे में पहुंचे। विकास ने पंखे से रस्सी बांधकर फांसी लगा ली थी। जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भांडेर के अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में पदस्थ स्वीपर अनुपस्थित था। जिस कारण दोपहर तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका। इससे आक्रोशित परिजनों ने ग्रामीणों के के साथ भिंड-चिरगांव मार्ग पर जाम लगा दिया। दोपहर दो बजे जिला अस्पताल से स्वीपर भेजा गया तब जाकर शव का पोस्टमार्टम हो सका। इसके बाद करीब तीन आकोशित लोगों ने जाम खोल दिया। मृतक कक्षा बारहवीं पास था और माता-पिता की इकलौती संतान था। पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी।
पश्चिम बंगाल के गांजा तस्कर को दस साल की सजा
दतिया। विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट शशिकांता वैश्य ने गांजा तस्कर को दस साल की सजा सुनाई है। दो साल पुराने मामले में न्यायालय ने आरोपी पर एक लाख का अर्थदंड भी लगाया है। लोक अभियोजक मनोज सिंह चौहान ने बताया कि 10 सितंबर 2022 को पंडोखर थाना पुलिस को मुखबिर के जरिये सूचना मिली कि बिल्हैटी, सदका में एक व्यक्ति बोरियों में गांजा भरकर उसे बेचने की फिराक में खड़ा है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो एक व्यक्ति दो सफेद बोरियां लिए खड़ा था, पुलिस को देखकर उसने भागने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने घेरकर उसे पकड़ लिया। बोरियों में 22 किलो 3 सौ ग्राम गांजा मिला। आरोपी ने अपना नाम प्रबोद मंडल निवासी मालदा, पश्चिम बंगाल बताया। पुलिस ने गांजा जब्तकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। विवेचना के बाद चालान न्यायालय में पेश किया। सुनवाई में न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाते हुए दस साल की सजा और जुर्माने से दंडित किया है।