गरौठा। बुंदेलखंड में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन संसाधनों के अभाव और खेल मैदान की कमी की वजह से ग्रामीण प्रतिभाओं में निखार नहीं आ पा रहा है। पुलिस या सेना भर्ती की तैयारी और खेलाें में रुचि रखने वाले युवा सड़काें पर दौड़ लगा रहे हैं। अगर नियमित अभ्यास के लिए स्टेडियम और संसाधन मिल जाएं तो यहां के युवा भी बुंदेलखंड का नाम देश- प्रदेश में रोशन कर सकते हैं।
बातचीत
- नगर के कई युवा यूपी एसआई, यूपी पुलिस की तैयारी कर रहे हैं लेकिन स्टेडियम के अभाव में सड़क के किनारों पर दौड़ने पर विवश हो जाते हैं। - राघवेंद्र द्विवेदी
- तहसील मुख्यालय पर खेल मैदान न होने की वजह से खेल प्रेमी अपना हुनर नहीं दिखा पा रहे हैं। मुख्यालय पर बच्चों के लिए खेल मैदान का होना जरूरी है। - रॉवी बुंदेला
- शारीरिक व्यायाम एवं हुनर दिखाने के लिए युवाओं में जज्बा तो है लेकिन मैदान के अभाव में युवाओं के अंदर छिपी प्रतिभा उभर नहीं पा रही है। - संजय गुप्ता
- नगर की आबादी लगभग बीस हजार से ऊपर होने के बाद भी नगर में कोई खेल मैदान नहीं है, जो एक चिंता का विषय है। जनप्रतिनिधि इस समस्या की ओर कोई ध्यान नही दे रहे हैं। - त्रिभुवन यादव