अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में मंगलवार को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत क्राफ्ट मेला मैदान में ऋण शिविर लगाया गया। इसमें झांसी और चित्रकूट मंडल के 1070 युवाओं को उद्यमिता प्रमाणपत्र दिया गया। इनमें से 21 युवाओं को मंच पर सीएम ने चेक भेंट किए।
प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की शुरुआत 24 जनवरी को की थी। इसके तहत बेरोजगार युवाओं के लिए पांच लाख रुपये तक के ऋण का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत बुंदेलखंड झांसी, जालौन, ललितपुर, चित्रकूट, बांदा, महोबा व हमीरपुर जनपद के 1070 युवाओं के 40.12 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। मंगलवार को झांसी के किले की तलहटी में आयोजित कार्यक्रम में इन सभी युवाओं को प्रमाणपत्र सौंपे गए। प्रत्येक जिले के तीन-तीन युवाओं को मुख्यमंत्री ने मंच से अपने हाथों से ऋण के चेक भेंट किए। इस दौरान विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, एमएसएमई मंत्री राकेश सचान, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इन्हें मुख्यमंत्री ने दिए चेक
झांसी की स्नेहा राय (इंटरनेट प्वाइंट), राहुल श्रीवास्तव (फर्नीचर उद्योग) व अभियश प्रताप सिंह (मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट), जालौन के विशाल (बागवानी), रचना विश्वकर्मा (फर्नीचर उद्योग) व आशीष कुमार (टी आउटलेट), ललितपुर के आशाराम अहिरवार (टैंट हाउस), बलबीर (ब्रूम निर्माण) व कु. रिया (ब्यूटी पार्लर), बांदा की रीतिका पटेल (बुटिक), अमित कुशवाहा (फर्नीचर उद्योग) व सर्वेश कुमार (मिठाई निर्माण), चित्रकूट की पूजा देवी (रेडीमेड गारमेंट), बलराम (बाइक रिपेयरिंग वर्क्स) व पंकज कुमार गुप्ता (आटा चक्की), महोबा के सिद्धेश चौरसिया (गुड्स कॅरियर लोडर), राहुल (कंप्यूटर सेंटर) व रामअवतार कुशवाहा (गुड्स कैरियर लोडर) और हमीरपर के जयहिंद (जानवरों का दाना), बाबूराम (डीजे सिस्टम) व उपेंद्र कुमार (डेयरी फार्मिंग व वर्मी कंपोस्ट निर्माण) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऋण के चेक भेंट किए।
बोले लाभार्थी
कैरी बैग प्रिंटिंग मशीन के लिए 4.5 लाख रुपये का ऋण लिया है। काम पहले से कर रहे हैं, लेकिन अब काम का विस्तार कर दिया गया है। इस काम में तीन-चार लोगों को और लगा रखा है। ऋण भी आसानी से मिल गया था। - अरुण कुशवाहा, मंडी रोड
पहले कौशल विकास का प्रशिक्षण लिया था। अब मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 1.77 लाख रुपये का ऋण लेकर सिलाई सेंटर शुरू किया है। इस काम में दो महिलाओं को और लगाया है। इस योजना के तहत ऋण चुकाना आसान है। - वंदना सेन, पंचवटी
पहले से ही मोबाइल शॉप संचालित करते आ रहे हैं। पूंजी की कमी थी, जिससे कारोबार आगे नहीं बढ़ पा रहा था। योजना के तहत पांच लाख रुपये का ऋण लिया है, जिससे कारोबार बढ़ाएंगे और आमदनी भी बढ़ेगी। - नीरज सिंह प्रजापति, रक्सा
सिलाई का व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त किया था। उद्यमी विकास योजना के तहत डेढ़ लाख रुपये का ऋण लेकर सिलाई सेंटर स्थापित किया है। सेंटर में दो लोगों को और काम दिया है। नई मशीनें और अन्य सामग्री मंगाई गईं हैं। - पूजा लिटौरिया, थापक बाग
मुख्यमंत्री उद्यमिता विकास योजना से पांच लाख रुपये का ऋण मिला है। पहले से साइबर कैफे संचालित करते आ रहे थे। अब इसे विस्तारित कर दिया गया है। कंप्यूटरों की संख्या बढ़ा दी गई है, जिससे कारोबार भी बढ़ गया है। - राजेंद्र कुमार विश्वकर्मा, लहरगिर्द
कंप्यूटर का डिप्लोमा करने के बाद ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन कर रहे थे। लेकिन, अब 3.88 लाख रुपये का ऋण लेकर खुद का कंप्यूटर सेंटर स्थापित कर लिया है। योजना के तहत ऋण लेने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई। - बृजेंद्र कोष्टा, उनाव गेट