झांसी। मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल के वार्ड नंबर चार में भर्ती महिला ने बृहस्पतिवार की सुबह अपने पति से फोन पर बात की थी। महिला ने कहा था कि उसे अस्पताल में अच्छा नहीं लग रहा है। यहां से डिस्चार्ज करा दीजिए। वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि महिला की सेहत में लगातार सुधार हो रहा था और सामान्य वार्ड में भर्ती करने की तैयारी थी। इससे पहले ही यह घटना हो गई।
कोविड अस्पताल की चौथी मंजिल से महिला के छलांग लगा देने वाली ह्रदय विदारक घटना ने सभी को झकझोरकर रख दिया है। महिला के भतीजे ने बताया कि सुबह मौसा को उन्होंने फोन किया था। मौसी कह रही थीं कि उन्हें अस्पताल में अच्छा नहीं लग रहा है। इसलिए उन्हें डिस्चार्ज करा दिया जाए। दोपहर में लगभग 12 बजे भी उन्होंने वार्ड से निकलने का प्रयास किया था। हालांकि, परिजन लगातार महिला हो हिम्मत बंधा रहे थे और कह रहे थे कि जल्द ही स्वस्थ होकर वह बाहर आ जाएंगी। मगर किसी को क्या पता कि चंद घंटों बाद इतनी बड़ी वारदात हो जाएगी। उसने आरोप लगाया कि स्टाफ की लापरवाही से इतनी बड़ी घटना हुई है। उन्होंने तो अपने मरीज को अस्पताल के सुपुर्द कर दिया था। ऐसे में मेडिकल कॉलेज का जिम्मा था कि मरीज सकुशल बाहर निकले। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने जांच कमेटी गठित कर दी है। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
...तो कोरोना को मात देकर निकल आती महिला
यदि यह घटना नहीं होती तो महिला कोरोना को मात देकर निकल आती। डॉक्टरों के मुताबिक महिला की सेहत में लगातार सुधार हो रहा था और सामान्य वार्ड में शिफ्ट करने की तैयारी थी। आईसीयू में भर्ती महिला का ऑक्सीजन लेवल 94-95 चल रहा था। डॉक्टरों ने महिला की कोरोना की जांच कराने के निर्देश दे दिए थे। ताकि, निगेटिव रिपोर्ट आने पर पोस्ट कोविड वार्ड या पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर सामान्य नौ नंबर वार्ड में एडमिट कर दिया जाए। मगर डॉक्टर के वार्ड से बाहर जाने के पांच मिनट बाद ही यह घटना हो गई।
अम्मा-अम्मा कहते हुए भागी नर्स
डॉक्टरों ने मरीजों को इलाज के संबंध में जो भी निर्देश दिए थे, वार्ड में मौजूद स्टाफ नर्स मरीजों को दवाएं दे रही थी। इसी बीच पीछे से महिला खिड़की की तरफ चली गई। खिड़की पर चढ़ भी गई। इसी बीच नर्स अम्मा-अम्मा कहते हुए महिला की तरफ भागी। उसे पकड़ने की भी कोशिश की, तब तक महिला ने छलांग लगा दी।