ये थाने हैं या ‘मयखाने‘, दुर्गंध से खड़ा होना मुश्किल
झांसी। अवैध शराब के प्रकरणों का समय से निपटारा न होेने के चलते महानगर के सभी थाने फुल हो गए हैं। शराब से थाने महक रहे हैं। थाने पर आने वाले पुलिसकर्मियों से लेकर फरियादियों को मयखानों सा अहसास हो रहा है। अब तक सभी थानों में पकड़ी गई सवा लाख लीटर शराब रखी है।
कोरोना संक्रमण के कारण लगाए गए लॉकडाउन की वजह से प्रदेश में शराब की दुकानें बंद थीं। इसके कारण शराब तस्कर दूसरे प्रदेश से शराब लाकर यहां शराब खपा रहे थे। इस दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जिले में कई लोगों को पकड़कर शराब बरामद की। शराब को अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई कर मालखानों में जमा कराया गया। ऐसे में निस्तारण न होने से शराब भरी पड़ी है। कोतवाली, नवाबाद, सीपरी बाजार, सदर बाजार व प्रेमनगर, रक्सा, बबीना समेत अन्य जिलों के मालखानों में करीब सवा लाख लीटर शराब जब्त है। सबसे ज्यादा शराब रक्सा, कोतवाली व बबीना के थानों में है।
थानों के चूहे हुए शराबी
मालखानों में भारी मात्रा में शराब और गांजा होने के साथ कई तरह के समान जब्त हैं। इसके कारण मालखानों में बड़ी संख्या में चूहे उछलकूद मचाते हैं। नवाबाद, सीपरी बाजार के निचले स्तर के पुलिसकर्मियों के अनुसार मालखाने में रखी शराब की बोतलों के कार्क को चूहे कुतर देते हैं। इस वजह से शराब लीकेज होता है, उसी लीकेज शराब को चूहे पी जाते हैं।
लोहे के अस्त्र भी गल रहे
बताया गया कि हिंसक घटनाओं में जब्त लोहे के सभी तरह के अस्त्रों को कोर्ट में मामले का खात्मा होने के बाद नष्ट करने के निर्देश होते हैं। इसके बाद लोहे से निर्मित सभी तरह के औजारों का नष्टीकरण करने गला दिया जाता है। पुलिस अफसरों के अनुसार मालखानों में शराब तथा गांजा सबसे ज्यादा जगह घेरती है।
थानों के मालखानों में जमा शराब व अन्य की सूची तैयार कराई गई है। जल्द ही जब्त शराब का निस्तारण किया जाएगा। विवेक कुमार त्रिपाठी, एसपी सिटी