अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज के वार्ड नंबर छह के आईसीयू में लाखों की पोर्टेबल एक्सरे मशीन है, जो महीनों से बंद है। इस वजह से जरूरत पड़ने पर रोगियों को एक्सरे कराने के लिए बाहर जाना पड़ता है। सूत्रों का कहना है कि करीब छह माह से मशीन से एक भी एक्सरे नहीं हुआ है, जिसकी वजह वोल्टेज की समस्या बताई जा रही है।
मेडिकल कॉलेज के वार्ड नंबर-छह, सात और आठ में मेडिसिन के रोगियों को चिंताजनक हालत में भर्ती किया जाता है। रोगियों को एक्सरे कराने के लिए बाहर नहीं जाना पड़े, इसलिए कॉलेज प्रशासन ने लाखों रुपये खर्च करके पोर्टेबल एक्सरे मशीन खरीदी। यह मशीन वार्ड नंबर छह के आईसीयू में रखी गई ताकि रोगी का बेड पर ही एक्सरे हो सके। बता दें कि इस एक्सरे मशीन का महीनों से संचालन नहीं हुआ है। किसी की नजर नहीं पड़े, इसलिए चारों ओर से ढंककर इसे कोने में रख दिया है। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि वोल्टेज की समस्या होने की वजह से एक्सरे मशीन का संचालन नहीं हो रहा है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सचिन माहुर का कहना है कि वार्ड नंबर छह में रखी पोर्टेबल एक्सरे मशीन से रोगियों के एक्सरे बेड पर ही होने चाहिए। यदि मशीन का उपयोग नहीं हो रहा है, तो काफी गंभीर विषय है। पूरे मामले का पता कर जिम्मेदार पर कार्रवाई की जाएगी।