झांसीः अपनी बहन के साथ किया था पोस्ट।
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वह जान देने का फैसला कर चुका था लेकिन न दोस्त समझ पाए और न घर वाले
सकरार (झांसी) इक्कीस साल का नितेश पाल जान देने का फैसला कर चुका था। दो दिन पहले फेसबुक पर अपनी बहन के साथ एक तस्वीर पोस्ट की थी जिसमें लिखा था कि यह उसकी आखिरी तस्वीर है। इस पोस्ट को देखा तो तमाम लोगों ने लेकिन किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। अगर किसी ने जरा भी गंभीरता से लेकर नितेश से बात की होती तो शायद वह इस तरह से जान न देता। हो सकता है कि उसकी समस्या का समाधान निकल आता। लेकिन यहां उसके इरादों को कोई समझ नहीं सका।
नितेश पाल सकरार का रहने वाला था। उसके पिता रवि शंकर पाल ट्रक ड्राइवर हैं। पिछले काफी समय से वह बीमार हैं। नितेश इस परिवार का इकलौता बेटा था। नितेश की मां भी बीमार हैं। इस समय परिवार की जिम्मेदारी नितेश पर ही थी। वह प्राइवेट जॉब करता था। नितेश पाल सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहता था। उसके फेसबुक फ्रेंड लिस्ट भी लंबी थी। वह अक्सर अपने फोटो पोस्ट करता रहता था। दो दिन पहले उसने फेसबुक पर अपनी बहन के साथ एक फोटो डाली थी। जिसे उसने आखिरी पोस्ट बताया था। लेकिन किसी ने उस पर गौर नहीं किया। नितेश को जानने वालों का कहना है कि वह बड़ा हंसमुख मिजाज का था। कोई सोच भी नहीं सकता कि वह इतना बड़ा आत्मघाती कदम उठा सकता है।
घर के पास कुएं में लटका मिला शव
सकरार (झांसी) नितेश ने घर के पास कुएं पर गार्डर में रस्सी बांधकर जान दे दी। गटर पर रस्सी बांधकर वह फांसी के फंदे पर झूल गया। सुबह को जब लोग कुएं से पानी लेकर गए तो उन्हें शव लटकता मिला। सूचना पाकर परिवार के लोग भी पहुंच गए थे। युवक की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। युवक परिवार का इकलौता बेटा था। परिवार के लोगों का कहना है कि रात को सभी ने एक साथ खाना खाया था। खाना खाकर सभी सो गए। माना जा रहा है कि रात को करीब दो बजे नितेश ने फांसी लगाकर जान दी है। हालांकि कोई सुसाइड नोट तो नहीं मिला है लेकिन माना जा रहा है कि मां-बाप की बीमारी से वह परेशान था। सूचना मिलने पर सकरार थाना प्रभारी गोपाल सिंह यादव मौके पर पहुंचे और परिवार के लोगों से घटना की जानकारी ली।