कोरोना महामारी की वजह से लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों के लिए रेलवे ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई थी। इस दौरान कई तरह की घटनाएं भी सामने आईं जिसकी वजह से रेलवे को काफी आलोचना भी झेलनी पड़ी। अब रेलवे के इसी विशेष ट्रेन में दिल को झकझोर देने वाला वाकया सामने आया है।
खबरों के मुताबिक झांसी से गोरखपुर जाने वाली एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन में मोहनलाल शर्मा नाम के एक शख्स की लाश शौचालय में पड़ी मिली। रेलवे के सफाई कर्मचारियों के मुताबिक लाश तीन-चार दिन से सड़ी हुई हालत में शौचालय में पड़ी थी और उन्हें उसके बारे में तब पता चला जब वे झांसी के यार्ड में खड़ी ट्रेन को सैनिटाइज करने के लिए गए थे।
हैरानी की बात यह है कि शव काफी दिन से ट्रेन के शौचालय में पड़ा था और किसी को भी इस बारे में मालूम नहीं चला। इस मामले की जानकारी भी तब मिली जब झांसी रेलवे यार्ड में ट्रेन को सेनेटाइज करने के लिए सफ़ाई की जा रही थी और उसी दौरान सफाईकर्मियों की नजर ट्रेन के शौचालय की ओर पड़ी। जब उन्होंने देखा तो वहां बुरी हालत में एक लाश पड़ी हुई थी। बाद में जब इसकी जांच पड़ताल हुई तो मृतक की पहचान मोहनलाल शर्मा के नाम से हुई।
पहचान पत्र के आधार पर मृतक को उत्तर प्रदेश के बस्ती का रहने वाले बताया गया है। रेलवे के मुताबिक वे 23 मई को झांसी से गोरखपुर जाने वाली श्रमिक ट्रेन में बैठे थे और ये ट्रेन गोरखपुर जाकर 4 दिन बाद झांसी लौट भी आई।
झांसी में रेलवे पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में किसी तरह की बाहरी चोट नहीं लगी है। विसरा जांच के लिए भेजा गया है, उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा कि मौत किस वजह से हुई है।'
वहीं इस पूरे मामले में रेलवे का कहना है कि मोहनलाल के पास 23 तारीख का गोरखपुर का टिकट था, लेकिन यह नहीं मालूम कि वो इसी ट्रेन से गए थे या फिर किसी और ट्रेन से। हमने जिला प्रशासन और पुलिस को इसकी सूचना दे दी है और उन्हें बॉडी हैंडओवर कर दी।