झांसी। जल संकट झेल रहे महानगर वासियों को राहत देने के लिए बनाई गई झांसी पुनर्गठन पेयजल योजना (पेयजल महा योजना) पर नए साल में काम शुरू हो जाएगा। केंद्र सरकार ने पुनरोद्धार व परिवर्तन मिशन ‘अमृत’ योजना के तहत पहली किस्त (251.58 करोड़) जारी कर दी है। यह बजट अगस्त में जल निगम को मिल जाएगा और तब काम तेजी से शुरू हो होगा।
टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
महानगर में अगले तीस साल तक पानी की समस्या न आए, इसके लिए बनाई गई पेयजल महायोजना अब कागजी कार्यवाही से धरातल पर साकार रूप लेने की तरफ बढ़ चुकी है। केंद्र सरकार ने पहले चरण का बजट जारी कर दिया है। इससे अब नए साल से योजना पर काम शुरू होने की पूरी उम्मीद है।
इस संबंध में जल निगम के अधिशासी अभियंता (निर्माण शाखा) ए पी यादव ने बताया कि पहले चरण के अलग- अलग कामों को पूरा करने के लिए टेंडर निकाल दिए गए हैं। टेंडर प्रक्रिया के पूरे होने में चार से पांच माह का समय लग जाएगा। इसके बाद ही धरातल पर काम शुरू हो सकेगा।
महानगर में बढ़ती जनसंख्या के हिसाब से पानी की मांग भी बढ़ती जा रही है। जल निगम ने इस समस्या से निजात पाने के लिए यूनिक इंफ्रास्ट्रक्चर सिस्टम (स्माल एंड मीडियम टाउन) कार्यक्रम के तहत संशोधित 916.13 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया था, जिसे केंद्र सरकार ने अटल पुनरोद्धार व परिवर्तन मिशन ‘अमृत’ योजना के तहत स्वीकृति प्रदान की है।
-तेरह जोन में दस सीडब्लूआर, पंप हाउस और 11 पानी की टंकियां
-तेरह नए जोन में 244. कलोमीटर जल वितरण प्रणाली
- प्रयोगशाला और प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य भी करवाएंगे
- संबंधित स्थानों पर बिजली आपूर्ति के लिए भी काम होगा।
-माताटीला बांध से बबीना जलशोधन केंद्र तक पाइप लाइन