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लापरवाहों को ‘अफसरों’ का आश्रय, नहीं होता एक्शन

Sat, 23 Jul 2016 12:55 AM IST
careless protection of officer, no action
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school, jhansi hindi news - फोटो : demo
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झांसी। स्कूलों से गायब रहने वाले शिक्षकों की सेवा समाप्ति के निर्देश बेसिक शिक्षा मंत्री ने बीएसए को दिए हैं। यह पहली बार नहीं है जब लापरवाहों पर कार्रवाई के निर्देश मिले हों, लेकिन अफसरों के आश्रय के कारण इन शिक्षकों पर कार्रवाई नहीं हो पाती है। वहीं, ललितपुर और बांदा के परिषदीय स्कूलों के छात्र संख्या का परीक्षण करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।
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एडी बेसिक जीएस राजपूत ने बताया कि बेसिक शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में विभाग के समस्त अधिकारियों की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक हुई थी, जिसमें लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे शिक्षकों पर कार्यवाही का मामला भी उठा। बैठक में झांसी बीएसए को निर्देश दिए गए कि लगातार गायब रहने वाले शिक्षकों को चिह्नित कर उनकी सेवाएं समाप्त करें।

इसके अलावा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में रजिस्टर आफ रजिस्टर तथा रजिस्टर आफ फाइल तैयार करने, जिलाधिकारी से अनुमति कराकर जनपदीय अधिकारियों से परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण करने, शिक्षण कार्य में रुचि न लेने वाले शिक्षकों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करने और ललितपुर तथा बांदा में वर्तमान छात्र संख्या परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए।
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सर्विस बुक में नहीं दर्ज है अवकाश
शिक्षकों की सर्विस बुकें अपूर्ण है। शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा लिए जा रहे चिकित्सीय अवकाश, सीसीएल और मातृत्व अवकाश सर्विस बुकों में दर्ज नहीं हो रही है, जो विभाग के आला अधिकारियों के निरीक्षण में खुलासा हुआ है। बीएसए को अभियान चलाकर जांच करने को कहा है।

स्थानांतरण के अलावा छात्रों व शिक्षकों की संख्या भी जांचे
बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव से शिक्षकों के स्थानांतरण की अनुमति प्राप्त होने पर संबंधित दोनोें स्कूलों की छात्र और शिक्षकों की संख्या भी जांची जाएगी। स्कूल के एकल होने, बंद होने या शिक्षकों व विद्यार्थियों के निर्धारित अनुपात का उल्लंघन होने पर स्थानांतरण नहीं होगा।
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शिविर लगाकर सुननी होगी समस्या
बीएसए को अब ब्लाक स्तर पर शिविर लगाना होगा, ताकि वह शिक्षकों विशेषकर नव नियुक्त शिक्षकों की समस्याओं को जान सके और उनका निस्तारण कर सके।
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