संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। बिजली सिस्टम के सुधार की योजना रिवैंप के दूसरे चरण का कार्य अब अधर में है। मुख्यालय से कोई दिशा-निर्देश न होने से अधिकारी भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। फिलहाल दूसरे चरण का मामला ठंडा पड़ने से प्रस्तावित उपकेंद्रों का कार्य अधर में है।
वहीं, पहले चरण का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। दावा है कि अप्रैल के अंत तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। जिले में विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है। प्रथम चरण में विद्युत ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के अलावा जर्जर बिजली लाइनें, विद्युत पोल को बदला गया है। साथ ही ओवरलोड फीडरों के विभाजन किए गए हैं लेकिन अब दूसरे फ़ेज का कार्य अधर में होने से इस योजना का लाभ उस लेवल पर उपभोक्ताओं को नहीं मिलेगा, जो मिलना चाहिए था। लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों पर तो काम किए गए, लेकिन यदि और उपकेंद्र बन जाते तो ओवरलोड की जो समस्या थी, वह काफी हद तक खत्म हो जाती।