‘स्टैंड अप इंडिया’ के अंतर्गत महिला उद्यमियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए सभी बैंकों का लक्ष्य तय कर दिया गया है। हर बैंक कम से कम एक महिला उद्यमी को 10 लाख से लेकर 01 करोड़ रुपये तक का लोन देगा।
प्रधानमंत्री ने स्टैंड अप इंडिया के अंतर्गत महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके लिए महिला की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। लोन मशीन और रॉ मैटेरियल के लिए भी लिया जा सकता है। इसमें जो उद्योग ‘ग्रीन फील्ड’ दायरे में आएंगे, उनमें महिलाओं को वरीयता दी जाएगी। ग्रीन फील्ड से आशय यह है कि जिन उद्योगों में मजदूर ज्यादा हों।
इसमें दोना - पत्तल और गत्ता बनाना शामिल है। इसके तहत बैंक से 75 फीसदी तक ऋण दिया जाएगा। भारत सरकार की सिक्योरिटी क्रेडिट गारंटी एंड फंड स्कीम के अंतर्गत लोन दिया जाएगा। इस लोन का भुगतान सात साल में किया जाएगा। इसकी खास बात यह है कि 18 महीने का बैंक को कुछ नहीं देना पड़ेगा। यानी, इतने समय में उद्योग स्टैबलिस हो जाएगा। महिला उद्यमियों को कुल लागत का दस प्रतिशत खर्च करना पड़ेगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग की महिलाओं को आरक्षण के हिसाब से लोन दिया जाएगा। जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान ने सभी बैंकों को चिट्ठी लिखकर निर्देश दिए हैं कि स्टैंड अप इंडिया के अंतर्गत जो लक्ष्य मिला है, उसे पूरा करें।
कोट...
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महिलाएं आगे आएं
‘स्टैंड अप इंडिया’ के अंतर्गत महिलाओं को उद्योग लगाने को प्रोत्साहित किया जा रहा है। महिलाएं ग्रीन फील्ड के अंतर्गत उद्योग लगा सकती हैं।
- सुधीर कुमार श्रीवास्तव
उपायुक्त, उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र