राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी शनिवार को दतिया के विश्व प्रसिद्ध पीतांबरा पीठ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने मां बगलामुखी के दर्शन किए और पूजा अर्चना की। पट बंद होने के कारण वह मां धूमावती के दर्शन नहीं कर पाए और उनके मंदिर को बाहर से ही प्रणाम कर आगे बढ़ गए। उन्होंने मंदिर परिसर में विराजमान भगवान बलखंडेश्वर (शंकर जी) का अभिषेक भी किया।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी दोपहर दो बजे विशेष विमान से ग्वालियर स्थित वायुसेना की हवाई पट्टी महाराजपुरा पहुंचे। यहां मध्य प्रदेश सरकार की मंत्री माया देवी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद 2.15 बजे राष्ट्रपति हेलीकॉप्टर से दतिया हवाई पट्टी उतरे।
यहां पर राजस्थान की मुख्यमंत्री और पीतांबरा पीठ प्रबंध समिति की अध्यक्ष वसुंधरा राजे सिंधिया, मध्यप्रदेश शासन के जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम दास मिश्रा ने उनका स्वागत किया। यहां से वह पीतांबरा पीठ गए, जहां उन्होंने बगलामुखी माता के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। यहां धूमावती माता के दर्शन की उन्होंने इच्छा जताई, लेकिन दोपहर के समय उनके मंदिर के पट बंद होने के कारण वह माता के दर्शन नहीं कर सके।
मंदिर के बाहर से ही उन्होंने माता को प्रणाम किया और परिसर में स्थित बलखंडेश्वर मंदिर में जाकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। मंदिर परिसर में वह करीब 1.40 मिनट तक रुके। इसके बाद राष्ट्रपति 4.15 बजे मंदिर परिसर से दतिया हवाई पट्टी के लिए चले गए। यहां से वह ग्वालियर और फिर दिल्ली के लिए रवाना हो गए।