झांसी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की महानगर इकाई द्वारा राजकीय महिला महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। प्राचार्य डॉ. एसएस सिंह ने कहा कि महिलाएं राष्ट्र शक्ति की धुरी हैं। सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक एवं तकनीकी विकास के क्षेत्र में महिलाओं की सहभागिता और उनकी उपलब्धियां किसी से कम नहीं हैं।
भारत हमेशा से ही स्त्री शक्ति की समाज में भूमिका पर जोर देता रहा है। उन्होंने कहा कि कॉलेज में हम बालिकाओं को इसी प्रकार शिक्षित करते हैं कि वह समाज में गर्व के साथ अपने कर्तव्यों को निभा सकें। प्रदेश उपाध्यक्ष अंजू गुप्ता ने कहा कि महिलाओं के प्रति होने वाली हिंसा व अन्याय की घटनाएं मीडिया में इस प्रकार प्रस्तुत की जाती हैं जैसे हर तरफ हाहाकार है। मीडिया को घटनाओं के सामान्यीकरण से बचना चाहिए। स्क्रीन पर दिखने वाली महिलाएं वास्तविक महिलाओं का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ. अनुभा श्रीवास्तव ने कहा कि महिला सशक्तीकरण में शिक्षा की अहम भूमिका है। जिन छात्राओं को कॉलेज, विश्वविद्यालय में पढ़ने का अवसर मिलता है, उनकी जिम्मेदारी है कि वह इस अवसर का समुचित लाभ उठाकर अन्य बालिकाओं के लिए प्रेरणास्पद बनें। उनकी सफलता ही दूसरों के लिए रास्तों को सरल बनाएगी। एबीवीपी के विभाग संगठन मंत्री अजय यादव ने आभार जताया। संचालन छात्रा संस्कृति गिरवासिया ने किया। इस दौरान अर्चित सोनी, समरेंद्र प्रताप, पंकज शर्मा मौजूद रहे।