झांसी। प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद बुंदेलखंड के विकास के लिए किए गए तमाम वादे अब तक जमीन पर नहीं उतर सके हैं। साढ़े तीन साल बाद भी लोगों को परियोजनाओं से आस है। तमाम काम तो ऐसे हैं, जो प्रदेश सरकार की ओर से अनुमति मिलने के बाद फाइलों में बंद होकर रह गए हैं। प्रदेश के मुखिया आठवीं बार झांसी आ रहे हैं, तो ऐसे में लोगों में फिर से विकास योजनाओं को लेकर उम्मीद है।
हवा में भी तैर रहा हवाई अड्डा
महानगर में हवाई अड्डे को लेकर बीते कई सालों से कवायद चल रही है। इसके लिए 15 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। इसकी कार्ययोजना साल 2017 में शासन को भेजी गई थी, लेकिन अब तक कुछ नहीं हो सका है।
विकास को तरस रहे 64 गांव
महानगर की सीमा से सटे 64 गांव आठ साल पहले झांसी विकास प्राधिकरण में शामिल किए गए थे। लेकिन अब तक वहां शहरी सुविधाएं शुरू नहीं की जा सकी हैं। इसके साथ ही, साल 2006 में नगर निगम सीमा में शामिल 15 गांवों में भी विकास कार्य ठप पड़े हैं।
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ग्वालियर क्रॉसिंग ओवर ब्रिज लटका
महानगर की सबसे बड़ी समस्या ग्वालियर रोड क्रासिंग है। प्रमुख मार्ग होने के चलते यहां से वाहन अधिक गुजरते हैं। साथ ही, पूरे दिन में कई बार क्रॉसिंग बंद रहती है। यहां पर ओवरब्रिज निर्माण को शासन की स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन रेलवे की ओर से सहमति न मिलने से काम शुरू नहीं हुआ है।
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बस स्टैंड और ट्रांसपोर्ट नगर कागजों में
महानगर में नया बस स्टैंड बनाने के लिए कोछाभांवर और ट्रांसपोर्ट नगर के लिए करारी में जमीन का चिन्हांकन किया जा चुका है, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो सका है। इनके निर्माण से शहरवासियों को काफी राहत मिल जाएगी।
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केन बेतवा लिंक परियोजना भी अटकी
बुंदेलखंड में केन और बेतवा नदी को लिंक किया जाना है। इसके लिए दोनों प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों की बैठक होनी है। लेकिन अब तक बैठक को लेकर कुछ भी तय नहीं हो सका है। इससे क्षेत्र की पानी की बड़ी समस्या दूर हो जाएगी।
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कर्जमाफी की आस में किसान
प्रदेश सरकार की कर्जमाफी योजना से बुंदेलखंड के तमाम किसान अछूते रह गए हैं। सरकार ने 60787 किसानों को कर्जमाफी का लाभ दे दिया। जबकि 142378 किसानों ने योजना के तहत आवेदन किया था। अब भी 81591 किसान कर्जमाफी की आस में हैं।
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कूड़ा जल रहा, उठान का इंतजाम नहीं
महानगर में एनजीटी के निर्देशों के बाद भी कूड़ा जलाया जा रहा है। इस पर नगर निगम कोई पाबंदी नहीं लगा सका है। वहीं महानगर में कूड़ा उठान के लिए कोई प्रबंध नहीं हो सका है। ऐसे में सड़कों पर कूड़े के ढेर लगे रहते हैं।
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अवैध पार्किंग पर अंकुश नहीं लगा
महानगर में नगर निगम के इतर तमाम अवैध पार्किंग चल रही हैं। जिससे सरकार को हर साल लाखों रुपये का चूना लग रहा है। जबकि अवैध पार्किंग को लेकर अब तक अफसर कोई कार्रवाई नहीं कर सके हैं। पार्किंग के नाम पर लोगोें से लूट और अभद्रता हो रही है।
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एमआरआई जांच शुरू नहीं हो सकी
प्रदेश सरकार ने 18 मंडलों में जिला अस्पताल में एमआरआई जांच मशीन लगाने की स्वीकृति दी थी, लेकिन अब तक जिला अस्पताल में जगह का चिन्हांकन नहीं हो सका है। ऐसे में शासन की योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।