झांसी। बुंदेलखंड की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए में बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय की ओर से झांसी में खाद्य प्रसंस्करण आधारित कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद की वित्तपोषित परियोजना बुंदेलखंड क्षेत्र की ग्रामीण महिलाओं का खाद्य प्रसंस्करण (कृषि उत्पाद) के माध्यम से सशक्तीकरण के तहत सात से 11 जुलाई तक चल रहे इस प्रशिक्षण में जनपद की 50 महिलाएं भाग ले रहीं हैं।
प्रशिक्षण में कृषि विज्ञान केंद्र, भरारी की अध्यक्ष डॉ. निशी राय और विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. अतीक अहमद ने प्रतिभागियों को खाद्य प्रसंस्करण की आधुनिक तकनीकों, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन तथा बाजार की संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार के पौधरोपण अभियान के तहत सभी 50 महिलाओं को जामुन और अमलतास के कुल 100 पौधे भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम में महिलाओं को कठिया गेहूं एवं चावल से नूडल्स, पास्ता, मैकरोनी, पापड़, लड्डू और सेवईं तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में उत्पादों की पैकेजिंग, गुणवत्ता, विपणन और स्वरोजगार स्थापित करने के गुर भी सिखाए गए, जिससे महिलाएं स्वयं का उद्यम शुरू कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
परियोजना की प्रधान अन्वेषक डॉ. वंदना कुमारी और यंग प्रोफेशनल संदीप कुमार की देखरेख में बुधवार को आयोजित सत्र में महिलाओं ने स्वयं विभिन्न खाद्य उत्पाद तैयार किए।