बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के गांधी सभागार में महिला सशक्तीकरण पर पत्रकारिता विभाग और इप्टा की ओर से ‘दोषी कौन’ नाटक का मंचन किया गया। इसमें महिलाओं को मरने नहीं, बल्कि लड़ने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं को खुद की मजबूती के साथ समाज के विकास के लिए जागरूक होने की जरूरत है। वे किसी से कम नहीं हैं।
मुख्य अतिथि बीयू की सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी डॉ. रेखा लगरखा ने कहा कि पुरुष बलशाली नहीं होते हैं, बल्कि महिला कमजोर होती है। महिलाओं को मजबूत बनना होगा। उन्हें खुद और समाज के विकास के लिए और जागरूक होने की जरूरत है। नाटक में बताया गया कि किस तरह बालिकाओं का जल्द विवाह कर दिया जाता है। उन्हें केवल वस्तु एवं उपभोग की चीज न समझा जाए। महिलाओं को भी पुरुषों के समान जीवन जीने का हक है। नाटक में पत्रकारिता विभाग के विद्यार्थी नीरज सेन, सत्यपाल सिंह, कृतिका खटवानी, सागर व्यास, रत्नमणि दीवान, रूपेंद्र, इति मुखरिया, वेद पाठक, दीप्ति रजक ने भूमिका निभाई। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि आदित्य रायकवार रहे। अध्यक्षता पत्रकारिता विभाग के प्रमुख डॉ. सी पी पैन्यूली ने की। इस मौके पर डॉ. मो. नईम, डॉ. फुरकान, डॉ. कौशल त्रिपाठी, उमेश कुमार, जय सिंह, राघवेंद्र दीक्षित, अभिषेक कुमार आदि उपस्थित रहे। संचालन उमेश शुक्ला ने किया।