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सर्दी का कहर : हार्ट अटैक के 10 और लकवा की चपेट में आए 8 रोगी हुए भर्ती

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अमर उजाला ब्यूरो



झांसी। गलन वाली सर्दी शुरू होते ही मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक व लकवा के रोगी बढ़ गए। शनिवार को हाई ब्लड प्रेशर के 20 और हार्ट अटैक के 10 रोगी भर्ती हुए। वहीं, लकवा ग्रसित 8 रोगियों को भी भर्ती किया गया। डॉक्टरों का कहना है सर्दी से बचाव और सावधानी बेहद जरूरी है।

डॉक्टरों ने बताया कि सर्दी में नसें सिकुड़ (वासोकोनस्ट्रिक्शन) जाती हैं। पसीना भी नहीं आता, जिससे रक्त में नमक (सोडियम क्लोराइड) की मात्रा बढ़ जाती है। इससे खून गाढ़ा हो जाता है और नसें सिकुड़ने से रक्त का प्रवाह समुचित नहीं होता। ह्रदय में रक्त का प्रवाह प्रभावित होने से हार्ट अटैक हो सकता है। कभी-कभी रक्त का प्रवाह मस्तिष्क को प्रभावित करता है जिससे लोग लकवाग्रस्त हो जाते हैं।
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बताया कि सर्दी से बचाव बुजुर्गों के लिए ही नहीं युवाओं के लिए भी जरूरी है। जिनको हाई ब्लड प्रेशर अथवा दिल की बीमारी है, उनको सर्दी में खास सावधानी बरतना चाहिए। वे गरिष्ठ भोजन से परहेज करें। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राम बाबू सिंह ने बताया कि इमरजेंसी में हाई ब्लड प्रेशर के 20 हार्ट अटैक के 10 और लकवा की चपेट में आए 8 रोगियों का भर्ती किया गया है।

0- बिस्तर छोड़ते समय बरतें सावधानी

डॉ. राम बाबू सिंह ने बताया कि रात में बिस्तर से एकाएक खड़े नहीं हों। बताया कि लेटने के बाद एकदम खड़े होने से दिल की धड़कन तो बढ़ जाती है मगर सर्दी की वजह से रक्त का प्रवाह नहीं हो पाता। ऐसे में जिससे पासचुरल हाइपोटेंशन (चक्कर आना, आंखों के सामने अंधेरा होना आदि) हो जाता है। ऐसा खासतौर पर हाई ब्लड प्रेशर अथवा दिल के रोगियों में हो सकता है।



0- ये सावधानियां बेहद जरूरी



- धूप निकलने पर ही घूमने जाएं और हल्का व्यायाम करें

- नमक कम करें और वसा युक्त खाने से परहेज करें



- तंबाकू, सिगरेट और शराब के सेवन से बचें

- बंद कमरे में ब्लोअर न चलाएं, दिक्कत हो सकती है



- गुनगुने पानी से नहाएं, तेज गर्म पानी से नहाने से बचें।

- गर्म पानी से नहाने के बाद ब्लड प्रेशर गड़बड़ा जाता है।



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जोड़ों में दर्द के भी बढ़ गए रोगी

हड्डी रोग विभाग में घुटने, कमर व जोड़ों में दर्द के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। विभागाध्यक्ष डॉ. सौरभ अग्रवाल ने बताया कि शनिवार को जोड़ों में दर्द के करीब 35 रोगी आए। कहा कि इस मौसम में गठिया रोगी सावधानी बरतें। कैल्सियम व विटामिन-डी से भरपूर खाद्य सामग्री खाने में शामिल करें। नसों को जकड़न से बचाने के लिए सुबह-शाम गुनगुने पानी से सिकाई करें।



0- निमोनिया व अस्थमा के भी बढ़ गए रोगी



झांसी। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन अथवा बाल रोग विभाग में निमोनिया व अस्थमा रोगियों की भी संख्या बढ़ गई है। शनिवार को निमोनिया के करीब 14 रोगियों को भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने बताया खांसी-जुकाम व बुखार के साथ यदि सीने में जकड़न व सांस लेने में दिक्कत हो रही है, तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।
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0- खुजली, चकत्ते और सीत के भी मरीज बढ़े



झांसी। शुष्क हवा से खुजली, लाल चकत्ते अथवा सीत के रोगियों की संख्या त्वचा रोग विभाग में बढ़ गई है। विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि शुष्क हवा का सीधा असर त्वचा पर पड़ रहा है। इससे खुजली व चकत्ते हो रहे हैं। लापरवाही बरतने से त्वचा में दरारें (एसटीओटिक एक्जिमा) हो रही हैं। शनिवार को 80 रोगी उपचार के लिए आए।
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