अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। रानी की शादी की सालगिरह पर पारंपरिक ढंग से दो दिवसीय आयोजन किए जाएंगे। महिलाएं हाथों में मेहंदी रचाकर बधाई गीत गाएंगी। जबकि, आम जनमानस को पीले चावल भेंटकर समारोह में आने का न्योता दिया जाएगा। आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाने लगा है।
झांसी की रानी लक्ष्मीबाई और राजा गंगाधर राव की शादी की 19 मई को 182वीं सालगिरह है। इस अवसर पर दो दिवसीय आयोजन होंगे। 18 मई की शाम मेहंदी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आयोजन स्थल गणेश मंदिर में महाराष्ट्र लक्ष्मी समाज की महिलाएं हाथों में मेहंदी रचाएंगी। साथ ही बधाई गीत गाए जाएंगे। इस दौरान प्रतीकात्मक रूप से मेहंदी की रस्म भी होगी। इसके अगले दिन 19 मई की शाम को गणेश मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में राजा और रानी के स्वरूप देखने को मिलेंगे, जिन्हें मंच पर बैठाया जाएगा। लोग उनके साथ सेल्फी भी ले सकेंगे। जबकि, इससे पहले 16 और 17 मई को विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शहर में घूमकर लोगों को पीले चावल भेंट कर समारोह में शामिल होने का न्योता देंगे। इसकी शुरुआत गणेश मंदिर के पास स्थित दुर्गाबाई के बाड़े से होगी। यह वह स्थान है, जहां शादी के लिए बिठूर से आईं रानी और उनके पिता मोरोपंत तांबे को ठहराया गया था। उनके रुकने का इंतजाम राजा गंगाधर राव की ओर से किया गया था।
इसके अलावा आयोजन के दौरान रानी पर आधारित चित्रकला व निबंध प्रतियोगिता होगी, जिसमें विभिन्न स्कूलों के बच्चे प्रतिभाग करेंगे। साथ ही अलावा 19 मई को गणेश मंदिर में शास्त्रीय संगीत की भी महफिल सजेगी।