झांसी के सदर बाजार के भगवंतपुरा निवासी हंसराज वर्मा (38) घर की चाहरदीवारी के भीतर चल रही साजिश को ही नहीं भांप सका जबकि करीब एक साल से उसकी पत्नी देवर के इश्क में अंधी हो गई थी। दोनों ही मिलकर उसके कत्ल की साजिश रच रहे थे।
पत्नी के इशारे पर चचेरे छोटे भाई ने बड़े भाई को दतिया में ले जाकर मफरल से गला घोंटकर हत्या कर दी। इस लोमहर्षक हत्याकांड का खुलासा करते हुए दतिया पुलिस ने पत्नी समेत उसके प्रेमी एवं एक अन्य युवक को गिरफ्तार कर लिया।
हत्याकांड का भगवंतपुरा मोहल्ला निवासी हंसराज पुराना ऑयल खरीदता था। परिजनों ने बताया कि करीब 16 साल पहले उसकी शादी सदर बाजार निवासी बबीता से हुई थी। दोनों का दांपत्य जीवन ठीक-ठाक चल रहा था।
परिजनों का कहना है कि हंसराज का चचेरा भाई हेमंत ग्वालियर में रहता है। कभी-कभी झांसी आता था। पिछले साल होली के मौके पर हंसराज के घर में हुए कार्यक्रम में शामिल होने वह झांसी आया था। इसी दौरान भाभी बबीता से उनकी नजदीकी हो गई।
दोनों मोबाइल फोन पर बात करने लगे। इसके बाद अक्सर ही हेमंत झांसी बबीता से मिलने आने लगा। सोलह साल लंबे दांपत्य जीवन की परवाह न करके बबीता ने हेमंत के साथ जीने-मरने की कसम खा बैठी लेकिन, पति हंसराज को इसका पता तक नहीं चला।
'आज वह लौटना नहीं चाहिए'
इस दौरान बबीता ने देवर हेमंत के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटा देने की खतरनाक साजिश रच डाली। 4 फरवरी को हंसराज के साथ बबीता ग्वालियर गई थी। बबीता ने ही हेमंत को लोकेशन भेजकर मैसेज में लिखा था कि आज वह लौटना नहीं चाहिए।
इसके बाद हेमंत ने उसके साथ शराब पीकर हत्या कर दी। 9 फरवरी को उसके शव की शिनाख्त हुई। इसके बाद से पुलिस मोबाइल फोन एवं सीडीआर के जरिये सुराग लगाने में जुटी थी।
पुलिस ने जब कॉल डिटेल्स निकाली तब बबीता एवं हेमंत के बीच घंटों की बातचीत का पता चला। बबीता से पूछताछ के बाद मामला खुल गया। पुलिस ने बबीता के साथ उसके प्रेमी हेमंत एवं अनिल खटिक को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।