फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

... तब राजनीति का केंद्रबिंदु बन गया था झांसी

विज्ञापन
when jhansi make a centre of politics
विज्ञापन
... तब राजनीति का केंद्रबिंदु बन गया था झांसी
विज्ञापन

झांसी। विवादित ढांचा गिरने के बाद भाजपा के कद्दावर नेताओं को गिरफ्तार कर माताटीला गेस्ट हाउस में नजरबंद कर देने से झांसी-ललितपुर राजनीति का केंद्र बिंदु बन गया था। लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, अशोक सिंघल, उमा भारती सरीखे कद्दावर नेताओं के यहां रखने से देश भर के भाजपा, विहिप, संघ नेताओं, कार्यकर्ताओं का दिन-रात उनसे मिलना जुलना बना रहता था। 14 दिन तक इसी गेस्ट हाउस में नेताओं को नजर बंद रखा गया।
कारसेवकों द्वारा अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाने के बाद भारतीय जनता पार्टी, विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, बजरंग दल के शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी शुरू हो गई थी। बीजेपी के कद्दावर नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, अशोक सिंघल, विष्णु हरी डालमिया, उमा भारती, विनय कटियार की गिरफ्तारी होने के बाद इन्हें ललितपुर के माताटीला गेस्ट हाउस लाकर नजरबंद कर दिया। इसके बाद से संघ, भाजपा, विहिप समेत अलग-अलग संगठनों से जुड़े देश भर से नेता, कार्यकर्ता नजरबंद नेताओं से मिलने के लिए गेस्ट हाउस में उमड़ने लगे। चाहे दिन हो या रात हर समय गेस्ट हाउस में भीड़-भाड़ बनी रहती थी। महापौर रामतीर्थ सिंघल ने बताया कि कार्यकर्ता के नाते उस समय उन्हें नजरबंद नेताओं से मिलने आने वाले लोगों के परिवहन, खानपान आदि की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई थी। गेस्ट हाउस में लालकृष्ण आडवाणी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर चर्चा करते रहते थे। सभी लोग उनकी बातों को बहुत ध्यान से सुनते थे। वहां पर जेल मैनुअल का पालन होता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

जोशी का जन्मदिन भी मना
पांच जनवरी को भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी का जन्मदिन होता है। 1993 में माताटीला गेस्ट हाउस में नजरबंद होने के दौरान वहीं पर उनका जन्मदिन मनाया गया। गेस्ट हाउस में सभी नेताओं ने हवन पूजन कर उनका जन्मदिन मनाया। उस समय तत्कालीन सर संघ चालक रज्जू भइया भी नेताओं से मिलने आए थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें