झांसी। कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। अब तो महाराष्ट्र, केरल, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में कोरोना के नए स्ट्रेन को लेकर डर सताने लगा है। ऐसे में जब साल भर ऑनलाइन क्लासेस के जरिए बच्चों की पढ़ाई कराई जाती रही फिर परीक्षाएं ऑफलाइन क्यों कराई जा रही हैं? यह सवाल परिजनों ने उठाया है।
परिजनों का कहना है कि शुरुआत में बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई में दिक्कत हुई लेकिन अब बच्चे उसमें पूरी तरह रम गए हैं। कई प्रतियोगी परीक्षाएं तो ऑनलाइन ही होती हैं, ऐसे में कक्षा एक से लेकर आठ तक के बच्चों की परीक्षाएं भी स्कूल ऑनलाइन करा सकते हैं।
ये बोले अभिभावक
स्कूल ने पूरे लॉकडाउन में ऑनलाइन कक्षा का संचालन किया लेकिन अब परीक्षाओं के लिए स्कूल बुलाया जा रहा है। जो गलत है। छोटे बच्चों को संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। - शंकर दीक्षित, शिवाजी नगर।
जब पढ़ाई ऑनलाइन हो सकती है तो परीक्षाएं क्यों नहीं? कई प्रतियोगी परीक्षाएं छात्र-छात्राएं ऑनलाइन देते हैं। इसलिए कक्षा एक से आठ तक की परीक्षा ऑनलाइन होनी चाहिए। - प्रियंका राजपूत, शिवाजी नगर।
कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है, इसलिए बच्चों को लेकर काफी चिंता रहती है। डर है कि परीक्षा देते समय कहीं कोरोना संक्रमण न घेर ले। इस बार परीक्षा ऑनलाइन ही कराई जाएं। - कविता, आवास विकास।
बच्चों से स्कूल में सोशल डिस्टेंसिंग और अनिवार्य रूप से मास्क पहने रखने की उम्मीद करना ठीक नहीं है। कोरोना के केस फिर आने लगे हैं। परीक्षा में भेजने को लेकर चिंतित हूं। - अभिनव, सीपरी बाजार।
पढ़ाई से ज्यादा बच्चों की जान की परवाह है। अब तो कोरोना के नए स्ट्रेन का भी डर सताने लगा है। इसलिए ऑनलाइन परीक्षाएं ही होनी चाहिए, ऑफलाइन नहीं। - भावना साहू, झाड़खरिया मुहल्ला।
कोरोना के चलते साल भर ऑनलाइन पढ़ाई जारी रही। फिर अब ऑफलाइन परीक्षाओं के लिए बच्चों को स्कूल क्यों बुलाया जा रहा है। बच्चे ऑनलाइन परीक्षा दे सकते हैं। - वंदना नाहर, पठौरिया।
शुरुआत में ऑनलाइन पढ़ाई में बच्चों को दिक्कत हुई मगर अब वो उसमें रम गए हैं। वह आसानी से ऑनलाइन परीक्षा दे सकते हैं। इसलिए ऑनलाइन एग्जाम कराए जाएं। - स्वाती बिरथरे, मेहंदीबाग।