झांसी। मुख्यमंत्री के सामने गेहूं क्रय केंद्रों में अनियमिताओं की शिकायतें सामने आने के बाद सोमवार को प्रशासनिक अमला सक्रिय हो उठा। जिलाधिकारी आंद्रा वामसी खुद गढ़मऊ मंडी पहुंच गए। यहां उन्होंने गेहूं क्रय केंद्रों का जायजा लेने के साथ किसानों से उनकी परेशानी पूछी। किसानों की वसूली की शिकायत सही मिलने पर डीएम का मूड उखड़ गया। यहां पीसीएफ एवं पीसीयू क्रय केंद्र में किसानों से अतिरिक्त पैसा लिए जाने की शिकायत मिली थी। जिलाधिकारी ने उन किसानों से बात की जिन्होंने पूर्व में गेहूं बेचा है। किसान हर नारायण सिंह ने बताया कि केंद्र प्रभारी ने 40 रुपये प्रति क्विंटल की हिसाब से पैसा लिया। जिलाधिकारी ने केंद्र प्रभारी को फटकार लगाते हुए जिन किसानों से अवैध वसूली की गई, उनको पैसा वापस करने का निर्देश देते हुए ऐसा न होने पर कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया। जिलाधिकारी ने केंद्र पर रखे गेहूं को तत्काल गोदाम में रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा जिलाधिकारी ने भोजला मंडी में भी चल रही खरीद को देखा। उन्होंने कहा कि दिन का खरीद टारगेट पूरा होने के बाद भी किसानों को न लौटाया जाए। यहां भी एफसीआई एवं आरएफसी क्रय केंद्रों का जायजा लिया।
आरएफसी केंद्र प्रभारी संतोष उपाध्याय के जानकारी न दे पाने पर डीएम ने उनको फटकार लगाते हुए पूरा विवरण रखने के निर्देश दिए। उपखाद्य नियंत्रक अनूप कुमार के मुताबिक अब तक 452 किसानों से लगभग 20 हजार क्विंटल की खरीद हुई है। इसका भुगतान 4.14 करोड़ होना था। अब तक 3. 79 करोड़ का भुगतान कर दिया गया। इस दौरान नगर आयुक्त अवनीश राय, अपर नगर आयुक्त शादाब असलम, उप खाद्य नियंत्रक अनूप कुमार, सचिव मंडी पंकज शर्मा समेत अन्य उपस्थित थे।