झांसी। गेहूं खरीद केंद्रों में बोरों की कमी से गेहूं खरीद प्रभावित हो रही है। गढ़मऊ समेत आसपास के कई केंद्रों में पर्याप्त बोरे न होने से किसानों को मायूस होकर इन क्रय केंद्रों से वापस लौटना पड़ रहा।
एक अप्रैल से गेहूं खरीद आरंभ हुई लेकिन, इस बार गेहूं खरीद की रफ्तार काफी धीमी रही। पहले पंचायत चुनाव एवं उसके बाद कोरोना की तेज रफ्तार ने गेहूं खरीद को सुस्त कर दिया। अभी भी जनपद के केंद्रों में धीमी गति से ही खरीद हो रही लेकिन, इसके बावजूद तमाम केंद्रों में बारदाना का पर्याप्त इंतजाम नहीं है। गढ़मऊ स्थित क्रय केंद्र में पिछले कई दिनों से बारदाना की कमी बनी हुई है। बारदाना न होने से यहां ट्रैक्टरों की लाइन लग जा रही। इस मुश्किल समय में क्रय केंद्रोें तक पहुंचने वाले किसानों को मायूस होना पड़ रहा है। पिछली बार लॉकडाउन होने से कानपुर एवं कोलकता से पर्याप्त संख्या में बोरे नहीं आ सके लेकिन, इस बार अफसरों ने बारदाना में किसी तरह की कमी न होने के दावे किए थे। आरएफसी अफसर भी खरीद से पहले पर्याप्त बोरे के इंतजाम के दावे कर रहे थे लेकिन, एक महीने के भीतर ही तमाम केंद्रों से समस्याएं पेश आने लगीं। इस समस्या को लेकर किसानों में भी आक्रोश है। उधर, भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष अविनाश भार्गव की अगुवाई में किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर शिकायती पत्र दिया। अध्यक्ष अविनाश का कहना है कि बारदाना न होने से गढ़मऊ समेत अन्य खरीद केंद्रों में किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इस वजह से ट्रैक्टरों की लंबी लाइन लग रही है।