झांसी। फरवरी में तापमान में इजाफा होने से दिन में अच्छी धूप खिल रही है। ऐसे में गेहूं और चना की फसल को हल्का पानी देने की जरूरत है। वरना पैदावार कम हो जाएगी। किसानों को ये सलाह रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक शोध डॉ. सुशील कुमार चतुर्वेदी ने दी है।
निदेशक शोध का कहना है कि 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर अधिकतम तापमान पहुंचने पर फसलों का विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बढ़ते तापमान की वजह से फसलों को पानी की भी जरूरत पड़ती है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने समय पर मटर की बुवाई की है, उन्हें पानी देने की जरूरत नहीं है। सरसों की फसल में भी पानी की आवश्यकता नहीं है। ब्यूरो