अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। गो आधारित खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार हर जिले में क्लस्टर बनाएगी। इसके लिए किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही सरकार की ओर से संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए बजट में अलग से प्रावधान किया गया है।
रासायनिक खादों के दुष्प्रभावों को दृष्टिगत रखते हुए सरकार की ओर से प्राकृतिक खेती को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी के तहत नेशनल मिशन फॉर नेचुरल फार्मिंग के तहत प्रदेश के सभी जिलों में 50-50 किसानों के क्लस्टर तैयार किए जाएंगे। इन सभी किसानों को सरकार की ओर से गाय आधारित खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके अलावा गोबर और गोमूत्र से खाद बनाने के प्रयोग में आने वाले उपकरण भी सरकार की ओर से उपलब्ध कराए जाएंगे। खेत पर गायों को रखने के लिए पक्के कैटल शेड बनाए जाएंगे। इसके अलावा गोबर गैस प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे। अप्रैल माह से इस योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
उपज की बिक्री की भी होगी व्यवस्था
गोबर और गोमूत्र के प्रयोग से पैदा होने होने वाले कृषि उत्पादों की बिक्री की व्यवस्था भी सरकार करेगी। देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया के अन्य देशों में यह जैविक उत्पाद भेजे जाएंगे। इससे किसानों आय में कई गुना बढ़ोतरी होगी, जबकि लागत अब तक तुलना में काफी कम हो जाएगी। इतना ही नहीं, किसानों की उपज को सरकार की ओर से नेचुरल फार्मिंग का प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
वर्जन
उत्तर प्रदेश के 20 लाख किसानों को नेशनल मिशन फॉर नेचुरल फार्मिंग से जोड़े जाने की योजना है। इसके लिए सरकार की ओर से बजट में 2,481 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। गाय आधारित खेती से किसानों की लागत शून्य हो जाएगी, जबकि उनके मुनाफे में कई गुना बढ़ोतरी होगी। - श्यामजी गुप्ता, अध्यक्ष-गो सेवा आयोग