झांसी। रबी सीजन के लिए सरकारी गेहूं खरीद का आज आखिरी दिन होगा। आखिरी दिन होने के चलते किसान आज बिना टोकन के लिए भी क्रय केंद्र में जाकर गेहूं बेच सकेंगे। हालांकि अधिकतम 50 क्विंटल गेहूं ही बेच सकेंगे।
इस वर्ष गेहूं खरीद एक अप्रैल से आरंभ कर दी गई थी, लेकिन बीच में पंचायत चुनाव एवं कोरोना की दूसरी लहर की वजह से कुछ दिनों तक केंद्रोें में किसान आने से कतराते रहे। मई माह में खरीद ने तेजी पकड़ी। अभी तक झांसी जनपद में करीब 20 हजार किसानों से 92593 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी। इसके पहले 15 जून तक ही खरीद होनी थी, लेकिन इसे बढ़ाकर 22 जून कर दिया गया। हालांकि अब अधिकांश खरीद केंद्रों में सन्नाटा पसर चुका है। सोमवार को मोंठ, गुरसराय, मऊरानीपुर, भोजला समेत अन्य मंड़ियों में गिने-चुने किसान ही पहुंचे। किसानों की कम संख्या की वजह से आधे से अधिक केेंद्र बंद भी किए जा चुके हैं। अभी जनपद में 30 केंद्रों में ही खरीद की जा रही है। इनमें खाद्य विभाग के 10, पीसीएफ के 29, पीसीयू के दो, भारतीय खाद्य निगम के तीन, कृषि उत्पादन मंडी समिति के एक केंद्र होंगे। इस बार गेहूं खरीद के लिए सरकार की ओर से कोई लक्ष्य भी तय नहीं किया गया है। गेहूं खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया। इसमें पिछली बार के मुकाबले पचास रुपये प्रति क्विंटल की दर से बढ़ोतरी की गई थी। जिला विपणन अधिकारी अनूप कुमार के मुताबिक अंतिम दिन भी निर्धारित समय पर केंद्र खोले जाएंगे। उनका कहना है कि अभी तक कुल 92593 मीट्रिक टन गेहूं खरीद हुई है। यह पिछली बार के मुकाबले अधिक है।