झांसी। पष्चिम रेलवे कॉलोनी के आवासों को दुरुस्त कराया जाएगा। वहीं, मंडल के सभी बी-क्लास रेलवे स्टेशनों पर सफाई व्यवस्था दुरुस्त रहे इसके लिए इंप्रेस राशि को बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है। यह बात मंडल रेल प्रबंधक एसके अग्रवाल ने स्वच्छ संवाद दिवस कार्यक्रम में पत्रकारों को दी।
शुक्रवार को रेल स्वच्छता सप्ताह के अंतर्गत आयोजित ‘स्वच्छ संवाद दिवस’ कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि बी-क्लास के स्टेशनों की इंप्रेस राशि पांच हजार से बढ़ाकर दस हजार
रुपये कर दी गई है। यह राशि स्टेशन मास्टर अपने स्तर पर खर्च करेंगे। हर स्टेशन पर डस्टबीन की व्यवस्था की जा रही है। पश्चिम रेलवे कॉलोनी में साफ-सफाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि कॉलोनी में स्थित 2300 क्वार्टर व आसपास फैले अतिक्रमण एक साथ दुरुस्त करना संभव नहीं है। प्लानिंग तैयार की जा रही है कि कॉलोनी को कुछ हिस्सों में बांट लिया जाए।
इसके बाद हर साल एक-एक हिस्से के सभी क्वार्टरों व उनके आसपास व्याप्त फैली गंदगी को दुरुस्त करने का काम किया जाएगा। साथ ही रेलवे बोर्ड स्तर पर यह भी तैयारी चल रही हैं स्टेशनों पर पे एंड यूज होने वाले शौचालयों को ठेके पर तो दिया जाए, मगर ठेकेदार से राशि न लेकर उसको ही शौचालय के रखरखाव की जिम्मेदारी सौंप दी जाए। निगरानी रेलवे करेगा। इस मौके पर एडीआरएम विनीत सिंह, सीनियर डीसीएम दुर्गेश दुबे, आरपीएफ कमांडेंट आशीष मिश्रा, डीसीएम गिरीश कंचन, डीओएम एस के गौतम मौजूद थे।
60 रेलवे क्वार्टरों पर कब्जा
डीआरएम ने स्वीकार किया कि पश्चिमी रेलवे कॉलोनी के करीब साठ क्वार्टरों पर बाहरी लोगों ने कब्जा कर रखा है। इनमें अधिकांश क्वार्टर कर्मचारियों ने लोगों को किराए से रह रहे हैं। ऐसे क्वार्टरों को चिह्नित किया जा रहा है कि वे किस कर्मचारी के नाम पर आवंटित है? ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निर्देशित किया है जो क्वार्टर कंडम होने की स्थिति में हैं। उनमें रह रहे कर्मचारी के क्वार्टर खाली करते ही उसे तोड़ दिया जाए। ताकि आगे उस पर कब्जा न हो सके।
स्टेशन पर जल्द लागू होगी प्रीमियम पार्किंग व्यवस्था
रेलवे स्टेशन पर जल्द ही प्रीमियम पार्किंग की व्यवस्था चालू होने जा रही है। इसमें उन चार पहिया वाहनों से शुल्क लिया जाएगा, जो निर्धारित कार स्टैंड से इधर-उधर खड़ी रहती है। पहले बीस मिनट तक कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके बाद एक घंटे के 50 रुपये, तीन घंटे तक हर घंटे पचास रुपये व इसके बाद हर घंटे में किराया दुगना होता जाएगा। ग्वालियर में यह व्यवस्था लागू हो चुकी है। पिछले दिनों ग्वालियर में एक डॉक्टर ने 24 घंटे तक अपनी गाड़ी को प्रीमियम पार्किंग की जगह में खड़ा रखा, इस पर उनसे छह हजार रुपये किराया वसूल किया गया।