झांसी। मेजर ध्यानचंद स्टेडियम को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए बिछाया गया एस्ट्रोटर्फ रखरखाव के अभाव में खराब हो सकता है। स्थिति यह है कि 15 दिन से भी अधिक समय से इस पर पानी का छिड़काव नहीं हुआ है, जबकि इसके शॉकपेड को सही रखने के लिए सप्ताह में दो दिन पानी का छिड़काव जरूरी है।
हॉकी खिलाड़ियों के अभ्यास एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं आयोजित कराने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर 13 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से ध्यानचंद स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय मानकों का एस्ट्रोटर्फ तैयार हुआ है। लेकिन, अधिकारियों के लगातार निरीक्षण के बाद भी तय सीमा पर एस्ट्रोटर्फ जो मई में खेल विभाग को हस्तांतरित होना था, नहीं हो सका। विभाग कुछ काम शेष रहने के कारण नहीं हस्तांतरण हो पाना बता रहा है। एस्ट्रोटर्फ के रखरखाव में लापरवाही का आलम यह है कि पिछले 15 दिन से अधिक समय से इस पर पानी का छिड़काव नहीं हुआ है।
यहां प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ियों के अनुसार पानी का छिड़काव न होने से शॉकपेड के खराब होने की संभावना है, जो रबर का होता है। पानी छिड़काव न होने का कारण किराए के जनरेटर के वापस जाने और बिजली फिटिंग का कार्य पूरा न हो पाने को माना जा रहा है। वहीं, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आरपी सिंह का कहना है कि एस्ट्रोटर्फ पर पानी का छिड़काव हो रहा है, इसके लिए जनरेटर की व्यवस्था है। विद्युतीकरण का कार्य अंतिम चरण में है और दो-तीन दिन के अंदर जांच कराकर एस्ट्रोटर्फ की हस्तांतरण प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।