संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। सात दिन पहले दुल्हन के नाबालिग होने के शक में बरात बैरंग लौट गई। दुल्हन को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। सोमवार को उसकी उम्र जानने के लिए मेडिकल टेस्ट कराया गया। वह 18 साल की पाई गई। इसके बाद समिति ने शादी की अनुमति दी। दूल्हा-दुल्हन व परिजन खुशी-खुशी घर के लिए रवाना हुए।
20 अप्रैल को समथर थाना क्षेत्र में नाबालिग का विवाह होने की शिकायत टोल फ्री नंबर 1098 पर की गई थी। कंट्रोल रूम से चाइल्ड लाइन को सूचित किया गया। चाइल्ड लाइन ने प्रभारी निरीक्षक थाना समथर व वन स्टॉप सेंटर के साथ मिलकर कार्रवाई की। आधार कार्ड में बालिका की आयु 17 वर्ष पाए जाने पर विवाह की रस्में रुकवा दी गई थीं। मप्र के भिंड जिले से आई बरात को बिना दुल्हन के लौटा दिया गया था। अगले दिन 21 अप्रैल को बालिका व उसकी मां को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया था। बालिका की मां ने बेटी की आयु 18 वर्ष बताई। यह भी बताया कि उसने अपनी बड़ी पुत्री को विवाह में नहीं बुलाया था, इसलिए नाराज होकर उसने विवाह में बाधा डालने के लिए कंट्रोल रूम लखनऊ में शिकायत कर दी थी।
नहीं था कोई प्रमाणपत्र
बालिका की आयु के संबंध में उसकी मां के पास कोई दस्तावेज नहीं था। ऐसे में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजीव शर्मा एवं सदस्य कोमल सिंह, परवीन खान, हरिकृष्ण सक्सेना, दीप्ति सक्सेना तथा कार्यालय प्रभारी साजिद खान ने काउंसिलिंग के दौरान आयु निर्धारण के लिए सोमवार को मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र भेजा था। जांच के बाद बालिका की उम्र 18 साल पाई गई। इस रिपोर्ट के आधार पर बाल कल्याण समिति ने बालिका की मां को वैवाहिक कार्यक्रम की अनुमति दी।