झांसी। बबीना जल शोधन केेंद्र में पानी सफाई में लग रही देरी के कारण महानगर को पचास लाख लीटर कम पानी मिल पा रहा है। इससे पानी की टंकियों से आपूर्ति का समय घट गया है। जिन क्षेत्रों को एक वक्त में दो घंटे सप्लाई मिल जाती थी, अब उनमें डेढ़ घंटे ही पानी पहुंच रहा है। खासकर सिविल लाइन, खातीबाबा और सीपरी पुल के पास बनी पानी की टंकी से जुड़े क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
बारिश के बाद से माताटीला बांध पानी से लबालब भरा है। ऐसे में बांध पर टर्बाइन चलने से बबीना जल शोधन केंद्र तक गंदा पानी पहुंच रहा है। इससे पानी को साफ करने वाले फिल्टर बेल्ट बार- बार चोक हो रहे हैं। पानी को साफ (बेक वॉश) करने में दोगुना वक्त लग रहा है। आम दिनों में जहां झांसी महानगर को 70 एमएलडी (सात करोड़ लीटर) पानी मिलता था, वहीं अब 65 एमएलडी (छह करोड़ पचास लाख लीटर) की मिल पा रहा है। इससे शहर में जलापूर्ति का समय घटता जा रहा है। परिणामस्वरूप सिविल लाइन, चित्रा चौराहा, नंदनपुरा, मसीहागंज सीपरी बाजार, सागर गेट, खंडेराव गेट, खुशीपुरा व तालपुरा टंकी पूरी नहीं भर पा रहीं हैं, जिससे संबंधित क्षेत्रों को जलापूर्ति कम मिल रही है।
सिविल लाइन टंकी का सबसे बुरा हाल
ऊंचाई क्षेत्र में स्थित सिविल लाइन टंकी जलनिगम कॉलोनी में बनी हुई है। ऊंचाई क्षेत्र में होने के कारण इस टंकी को भरने में दस से बारह घंटे का समय लग जाता है। इस टंकी से ही सीपरी बाजार रेलवे पुल के पास बनी टंकी को भरा जाता है। इन दिनों भूतल जलाशय में तीन फीट पानी ही भर पा रहा है। इससे सिविल लाइन पुलिस लाइन, इलाहाबाद बैंक चौराहा, जानकीपुरम, विवेकानंद कॉलोनी, स्टेशन रोड, चंद्रशेखर तिराहे के पास, इलाइट चौराहा, जीवनशाह तिराहा और आसपास क्षेत्रों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
बबीना से हमें 40 एमएलडी पानी ही मिल पा रहा है। जबकि आम दिनों में 70 एमएलडी पानी मिलता था। कम पानी मिलने से टंकियां पूरी नहीं भर पा रहीं हैं। इससे आपूर्ति का समय घट गया है।
कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान।
व्यवस्था परिवर्तन के बाद से बढ़ीं दिक्कतें
माताटीला बांध महानगर के लोगों की प्यास बुझाता है। बांध के कच्चे पानी को यहां बने सीपी टैंक में सबसे पहले डाला जाता है। इसके बाद पाइप लाइनों की मदद से कच्चे पानी को बबीना जल शोधन केंद्र तक लाया जाता है। जल शोधन केंद्र में पानी की सफाई होने के बाद उसे आगे बढाया जाता है। रास्ते में कई जगह पानी की बंटवारा होता है, जिसके लिए वाल्व लगाए गए हैं। दो महीने पहले यहां तैनात उपखंड अधिकारी को हटाकर दूसरे दो नए अधिकारियों को कार्य सौंप दिया गया था। दोनों ही अधिकारी झांसी में रहते हैं। चर्चा है कि इससे जलापूर्ति व्यवस्था की निगरानी ठीक से नहीं हो पा रही है।