फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आठ गांवों में पानी का संकट, अफसर मौन

विज्ञापन
झांसी के कई इलाके इस भीषण कर्मी में पानी की समस्या से जूझ रहे हैं।
विज्ञापन
झांसी। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की प्यास बुझाने के लिए तैयार की गईं आठ पेयजल परियोजनाएं ठप पड़ी हुई हैं। ऐसे में गांवों में जल संकट गहरा रहा है। इन परियोजनाओं के संचालन को लेकर अब तक प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गई है। ऐसे में लोगों की दिक्कत बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन

शासन ने गांवों में पेयजल संकट दूर करने के लिए एकल पाइप पेयजल योजना शुरू की थी। इसके माध्यम से संकटग्रस्त गांवों में पानी के लिए पाइप लाइन डाली गई थी और पानी सप्लाई के लिए नलकूप से कनेक्शन दिया गया था। इसके अलावा टंकी बनाई गई थी। जिले में स्थापित की गईं कुल 109 परियोजनाओं में आठ परियोजनाएं बंद पड़ी हुई हैं। बताया जाता है कि चार परियोजनाएं ऐसी हैं, जहां नलकूप ने पानी देना बंद कर दिया है। वहीं दो परियोजनाओं में पाइपलाइन कम पड़ी और ध्वस्त भी हो चुकी है। वहीं दो परियोजनाओं में मोटर खराब होने से पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। इनको दुरुस्त करने के लिए प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गई है। ऐसे में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में टैंकरों को भेजने के इंतजाम भी नहीं किए गए हैं। लोग गांव के हैंडपंपों और अन्य साधनों के जरिए पानी की व्यवस्था करने को मजबूर हैं।
इन गांवों में बंद पड़ी हैं परियोजनाएं
मोंठ ब्लॉक के गांव चितगुवां और बागरी, बंगरा ब्लॉक के गांव टिकरी और चिरकना, गुरसराय ब्लॉक के गांव इमलौटा, मैगांव, पुछी और बामौर के गांव गेंदा कबूला में पेयजल परियोजना ठप पड़ी हुई हैं।
विज्ञापन

53 गांवों में टैंकरों के जरिए पहुंच रहा पानी
जिले के 53 गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए टैंकरों की व्यवस्था की गई है। इन गांवों में हर साल लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसमें सबसे अधिक 33 गांव बबीना ब्लॉक के हैं। जिनमें दिन में दो बार टैंकर भेजा जा रहा है। टैंकर पहुंचने के बाद पानी भरने के लिए लोगों की लाइनें लगती हैं। इन गांवों में पेयजल प्रबंधन को कोई ठोस योजना नहीं बन सकी है। इसके अलावा तमाम गांवों में अब तक टैंकर भी नहीं पहुुंचे हैं।
पेयजल परियोजनाओं को दुरुस्त करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। जबकि कई गांवों में पेयजल की व्यवस्था करने के लिए टैंकरों की व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही अन्य गांवों में भी पेयजल समस्या का समाधान कराया जाएगा।
विज्ञापन

जगदीश राम गौतम, डीपीआरओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें