झांसी। रोडवेज सोमवार (आज) सुबह आठ बजे से महत्वपूर्ण रूट पर बस शुरू करने जा रहा है। प्रथम चरण में सुबह से रात तक 53 बस चलाने का निर्णय लिया गया है। धीरे-धीरे अलग-अलग रूट पर इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है। शुरुआत में कानपुर, ललितपुर, गरौठा मार्ग पर बस चलाई जा रही हैं। यात्रियों को बैठाते समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी किया जाएगा।
विभाग ने सामान्य बस सेवा संचालन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रथम चरण में वह लाभकारी रूटों पर ही बसें चलाने पर विशेष ध्यान देगा। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही 60 प्रतिशत से अधिक सवारी वाले मिलने वाले रूट कानपुर, लखनऊ, दिल्ली, बनारस, बरेली आदि हैं। इसके अलावा बस स्टैंड पर भीड़ न हो और सोशल डिस्टेंसिंग के मानक का पालन हो। इसके लिए बैरीकेडिंग लगा दी गई है।
सभी बसों को सैनिटाइज किया जा चुका है। चालक - परिचालकों को ग्लव्स तथा मास्क एवं सैनिटाइजर की शीशी दी जा चुकी है। कंडक्टर प्रत्येक यात्री के हाथों को सैनिटाइज करेंगे। बस में सवार होने से पहले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग होगी। मास्क लगाना अनिवार्य होगा। यात्रियों का नाम, पता नोट कर लिया जाएगा। मास्क पहनना भी अनिवार्य होगा। यात्रियों की भीड़ न लगे। इसके लिए बैरीकेडिंग भी लगायी गई है। यात्रियों के आने - जाने का मार्ग अलग - अलग होगा। सेवा प्रबंधक तुलाराम वर्मा के अनुसार तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। निर्देश प्राप्त होते ही संचालन शुरू हो जाएगा। सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग होगी।
ईटीएम दुरस्त रखने को कहा
विभाग ने निर्देश दिए हैं कि ईटीएम मशीनों को दुरस्त रखा जाए। यात्रियों के टिकट ईटीएम से दिए जाते हैं। इसके अलावा शुरूआत के 15 दिनों में क्षेत्रीय स्तर के सभी अधिकारी स्वयं बस स्टैंड पर जाकर व्यवस्थाओं को परखेंगे। प्रतिदिन वह रिपोर्ट भी मुख्यालय में भेजेंगे।
रियायतें नहीं मिलीं, तो निजी बसों का चलना होगा मुश्किल
अगर उत्तर प्रदेश सरकार अपनी गाइड लाइन में आवश्यक रियायतें नहीं देती है, तो प्राइवेट बसों का संचालन करना बेहद मुश्किल होगा। झांसी जिला बस आपरेटर्स एसोसिशन का कहना है कि 25 यात्री लेकर बस का संचालन करना बेहद कठिन होगा। बस आपरेटर्स स्टाफ को सैलरी भी नहीं दे पाएंगे। डीजल का खर्चा भी नहीं निकल पाएगा। एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप यादव व महासचिव मोहम्मद जावेद ने बताया कि टैक्स में छूट दी जाए और साथ ही किराये में भी बढ़ोत्तरी की अनुमति दी जाए।