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नलों ने छोड़ा साथ, हैंडपंपों ने भी दिया धोखा

Sat, 14 May 2016 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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handpump - फोटो : amar ujala
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झांसी। पुराने शहर की चहारदीवारी के अंदर बसे कई क्षेत्रों में नलों से पानी तो पहले ही नहीं पहुंच रहा था अब हैंडपंपों ने भी धोखा देना शुरू कर दिया है। इससे इन क्षेत्रों में जल संकट गहराता जा रहा है। पाइप लाइनों में जो थोड़े बहुुत पानी की आपूर्ति भी जाती है उसे लोगों के अधिक क्षमता वाले टुल्लू पंप खींच लेते हैं। इन क्षेत्रों में टैंकरों से भी पानी की सप्लाई नहीं हो रही है।
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इन दिनों भीषण गर्मी के चलते नगर के गोलाकुआं, भैरों खिड़की, पन्नालाल, पुरानी पसरट, गोपाल नीखरा, पुरानी नझाई, सरांय, मेवातीपुरा, राई का ताजिया समेत आसपास के मुहल्लों का जल स्तर गिरने के कारण अधिकांश हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। बोरिंग भी सूख गई हैं। इतना ही नहीं पेयजल आपूर्ति वाली पाइप लाइन में भी पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा है। लोगों ने अपने नलों में अधिक क्षमता के टुल्लू पंप लगा रखे हैं, इससे पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है। जल संस्थान ने इन क्षेत्रों में पानी के टैंकर भी नहीं लगाए हैं। मजबूरन यहां के लोगों को दूर-दूर तक पानी लेने के लिए जाना पड़ रहा है।

कुछ ऐसा ही हाल करगुवांजी, पिछोर, गुमनावारा, महाराणा प्रतापनगर, मयूर विहार कॉलोनी सराय, सिलवटगंज, डड़ियापुरा, मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, भगवंतपुरा, कोछाभांवर, सिमरधा, गढ़िया गांव, वीरांगना नगर, पाल कॉलोनी, सिद्धेश्वर नगर, अलीगोल, मेवातीपुरा, बाहर उन्नाव गेट, मुकरयाना, मैला की टौरिया, मसीहागंज, लहरगिर्द, करारी, राजपूत नगर, बौद्ध नगर, खैरा, ईसाई टोला, ताज कंपाउंड, नंदनपुरा आदि इलाकों का बना हुआ है। हालांकि, जल संस्थान इन क्षेत्रों में पानी पहुंचा रहा है। इससे यहां के हालात संभले हैं।
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‘अगर किसी क्षेत्र में पानी की समस्या है तो वहां के लोग शिकायती पत्र देकर उन्हें स्थिति से अवगत करा सकते हैं। जिन भी क्षेत्रों से शिकायतें आ रही हैं, वहां तुरंत टैंकर से पानी पहुंचाने का काम किया जा रहा है।’
आरएस यादव, अधिशासी अभियंता जल संस्थान

पठारी क्षेत्र होने से गिर जाता है जलस्तर
जल निगम के अधिशासी अभियंता (हैंडपंप) कौशल किशोर ने बताया है कि महानगर पठारी क्षेत्र में बसा हुआ है। भूगर्भ में पानी की कमी होते ही हैंडपंपों से पानी निकलना बंद हो जाता है। जैसे ही बरसात से पानी का जलस्तर बढ़ेगा, हैंडपंप दोबारा पानी देने लगेंगे। इस कारण हैंडपंपों को सूखा नहीं माना जा सकता है। यह स्थिति हर बार बनती है।
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