अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जिलाधिकारी अविनाश कुमार के जलापूर्ति आरंभ करने के लिए सात अप्रैल की डेडलाइन तय करने के बावजूद सोमवार को आपूर्ति आरंभ नहीं हो सकी। जल निगम अब तक पाइप लाइन परीक्षण का पचास फीसदी काम भी पूरा नहीं कर सका है। सिर्फ दस किलोमीटर के बीच ही परीक्षण हुआ है। सोमवार को भेल के पास बड़ा लीकेज मिलने के बाद अभियंताओं की मुश्किलें और बढ़ गईं। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से पहले नगर तक पानी पहुंचना मुश्किल दिख रहा है।
महानगर पेयजल योजना के तहत बबीना फिल्टर प्लांट से नगर के बीच बिछी 27 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन का परीक्षण चल रहा है। एक अप्रैल को फिल्टर प्लांट से पानी छोड़ा गया था। परीक्षण के लिए रास्ते में अलग-अलग ब्लॉक बनाए गए। शनिवार रात तक महज 4.50 किलोमीटर पाइप लाइन की जांच हो सकी थी। रविवार को दस किलोमीटर दूरी पर बने ब्लॉक से परीक्षण हुआ लेकिन, भेल के पास पाइप लाइन लीकेज हो गई। यहां गहराई में लीकेज होने से मरम्मत में काफी समय लगने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में दूसरे पखवाड़े के बाद ही जलापूर्ति की संभावना दिखाई पड़ रही है।
जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने दो अप्रैल को विकास भवन में जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक के दौरान नगर क्षेत्र में सात अप्रैल तक पानी चालू करने के सख्त निर्देश दिए थे। उन्होंने लगातार टेस्टिंग करने को भी कहा था। जिलाधिकारी के अल्टीमेटम के बावजूद जल निगम अभियंता परीक्षण कार्य पूरा नहीं कर सके।
महानगर पेयजल आपूर्ति के तहत घर-घर पानी पहुंचाया जाना है। माताटीला बांध से शहर तक पीने का पानी पहुंचाने के लिए दो चरणों में पाइपलाइन बिछाई गई। दूसरे चरण में बबीना फिल्टर प्लांट से शहर के बीच 27 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन डाली गई। एक्सईएन मुकेश पाल का कहना कि पहले सभी लीकेज की मरम्मत होगी। यह कार्य जल्द पूरा कराने की कोशिश हो रही है।