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महानगर में आज रहेगा पेयजल का संकट

Tue, 12 Jul 2016 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। बबीना में विद्युत संविदा कर्मी (लाइनमैन) की मौत से गुस्साएं कर्मी सोमवार को भी काम पर नहीं लौटे। इस कारण दूसरे दिन भी बबीना क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। बिजली न आने से बबीना जल शोधन संयंत्र (प्लांट) के फिल्टर नहीं चल पा रहे हैं, इससे महानगर की जलापूर्ति मंगलवार को बाधित रहेगी।
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दस जुलाई को बबीना के नया खेड़ा में विद्युत खंभे पर काम कर रहे संविदा कर्मी रामकुमार राजपूत की करंट लगने से मौत हो गई थी। हादसे के बाद से दूसरे कर्मचारियों ने काम बंद कर रखा है। इससे दूसरे दिन भी बबीना की विद्युत आपूर्ति बंद रही। बिजली न आने से क्षेत्र के लोग बेहाल रहे। इतना ही नहीं बिजली न आने से यहां बने जल शोधन संयंत्र का सिस्टम भी गड़बड़ा गया है।

दरअसल, माताटीला बांध से आने वाली 110 एमएलडी व 45 एमएलडी की दो पाइप लाइनों से बबीना जल संयंत्र तक कच्चा पानी आता है। प्लांट में कच्चे पानी का फिल्ट्रेशन होने के बाद उसे उक्त दोनों पाइप लाइनों के जरिये झांसी तक भेजा जाता है। प्लांट में 110 एमएलडी लाइन से आने वाले पानी को साफ करने के लिए आठ बड़े व 45 एमएलडी लाइन के लिए पांच छोटे फिल्टर लगे हुए हैं। पानी को पॉली एल्यूमीनियम क्लोराइड से साफ किया जाता है। फिल्टर में पानी के साथ आने वाले महीन तत्व चिपक (गंदगी) जाते हैं। फिल्टर में चिपनके वाली इस गंदगी को हर 24 घंटे में साफ करना पड़ता है, जिसमें बिजली की आवश्यकता पड़ती है। चूंकि, इन दिनों बरसात का बेहद गंदा पानी आ रहा है। इस कारण फिल्टर को 16 से 20 घंटे में ही साफ करना पड़ रहा है। 24 घंटे से अधिक समय से बिजली न आने के कारण फिल्टर नहीं चल पा रहे हैं, इससे उनमें भारी मात्रा गंदगी जमा हो गई है। इससे पानी साफ करने की प्रक्रिया धीमी पड़ती जा रही है।
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‘बिजली न आने से जल शोधन संयंत्र पर विद्युत न आने के कारण फिल्टर चोक हो रहे हैं, जिसके कारण पेयजल कम मात्रा में शोधित हो रहा है। विद्युत आपूर्ति सुचारु न होने तक जलापूर्ति बाधित रहेगी। उपभोक्ता इस स्थिति में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था स्वयं कर ले।’
अमित कटियार, उपखंड अधिकारी, बबीना जल शोधन प्लांट।

बौखलाए विद्युत अफसर
विद्युत संविदा कर्मचारियों व अन्य लोगों के साथ एक के बाद एक करंट लगने की हो रही घटनाओं से अफसर बौखलाए हुए हैं। वह इसके लिए विद्युत व्यवस्था को दोषी ठहराने की जगह मृतकों की लापरवाही गिना रहे हैं। मुख्य अभियंता (वितरण) रामजी लाल ने बताया कि समय खराब चल रहा है। साफ कर लें कि संविदा कर्मचारी विभाग के नहीं ठेकेदार के कर्मचारी हैं। ठेकेदार को गैंग में अपने कर्मचारी बढ़ाने चाहिए। गैंग के एक व्यक्ति को अलग बिठाकर शट डाउन लेने व वापस करने की व्यवस्था सौंपनी चाहिए, तभी हादसों को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि आम उपभोक्ता को बरसात के दिनों में विद्युत उपकरणों का प्रयोग सावधानी पूर्वक करना चाहिए।
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