बंजर जमीन को उपयोग में लाने के लिए शासन ने यहां छुट्टा जानवरों का बसेरा बनाने का निर्णय लिया है। पं. दीनदयाल उपाध्याय निराश्रित पशुधन संरक्षण एवं विकास योजना के तहत गांवों में आश्रय स्थल बनाए जाएंगे। इसके अलावा चारागाह की जमीन पर तालाब खुदवाया जाएगा और ट्यूबवेल लगवाया जाएगा, ताकि जानवरों को पानी की समस्या न हो।
चारागाह की जमीन पर कोई कब्जा न कर सके, इसके लिए मनरेगा से चारागाह के चारों ओर तीन मीटर गहरी और दो मीटर चौड़ी जल संरक्षण खाई खोदकर जमीन पर घास रोपी जाएगी। पक्का शेड बनेगा। इससे जानवर यहां आकर पौष्टिक चारा खाएंगे। इससे उनका स्वास्थ्य बेहतर होगा। इन पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान करा कर नस्ल सुधारी जाएगी। चारागाह के चारों ओर खाई खोदने का उद्देश्य यह है कि इसमें पानी भर जाने से पानी रीचार्ज होगा और नमी रहने से चारा उत्पादन होगा। खाई खुद जाने से इस जमीन पर अतिक्रमण भी नहीं हो सकेगा।
यह काम मनरेगा से कराए जाएंगे, जिससे गांव के लोगों को रोजगार मिलेगा। पौधरोपण कराया जाएगा। कम से कम तीन साल तक पौधे के संरक्षण की जिम्मेदारी मनरेगा मजदूरों की रहेगी। इससे रोजगार मिलेगा। चारागाह की मेड़ पर फलदार पौधे रोपे जाएंगे, जिससे ग्राम पंचायतों को आमदनी होगी। छुट्टा जानवर जब एक ही स्थान पर रहेंगे तो इनके स्वास्थ्य परीक्षण और देखभाल आसानी से हो सकेगी। तालाब खुद जाने से पानी का संग्रह हो सकेगा।
जमीन को चिह्नित किया जा रहा
शासन ने छुट्टा पशुओं के लिए नई योजना शुरू की है। इसके लिए चारागाहों की जमीन चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया गया है।
- डा. वाईएस सिंह तोमर
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
कल प्रदर्शन करेंगे गोसेवक
झांसी। श्रीगोधाम गोसेवा समिति अंबावाय की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कल सोमवार को बीकेडी चौराहा स्थित श्री हनुमान मंदिर के पास गोसेवक इकट्ठे होंगे। छुट्टा घूमने वाली गायों के संरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन करेंगे। वह उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष और मुख्य सचिव राजीव गुप्ता को ज्ञापन सौंपेंगे। इस मौके पर राजकुमार गोस्वामी, अरुण शास्त्री, दिनेश पाल, ठाकुरदास लंबरदार, विष्णु शास्त्री, आलोक गोस्वामी उपस्थित रहे।