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थोड़ा इंतजार, फिर शहर में ही सस्ता-बेहतर इलाज

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थोड़ा इंतजार, फिर शहर में ही सस्ता-बेहतर इलाज
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झांसी। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में 150 करोड़ रुपये से बन रहे सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक को शासन ने 15 सितंबर तक शुरू करने के सख्त निर्देश दिए हैं। बावजूद, निर्धारित तिथि तक इसके शुरू होने की उम्मीद बेहद कम है। हालांकि, शुभारंभ में लगातार देरी हो रही है मगर भविष्य में इसका परिणाम अच्छा होगा। यहां मरीजों बड़े ऑपरेशन तो होंगे ही, साथ ही पोस्ट ग्रेजुएट डॉक्टर सुपर स्पेशियलिटी कोर्स भी कर सकेंगे। इससे चिकित्सा की गुणवत्ता बढ़ेगी।
केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद झांसी मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक बनाने की घोषणा की गई थी। इसके लिए केंद्र सरकार को 120 करोड़ और राज्य को 30 करोड़ रुपये खर्च करना है। पहले 2019 के लोकसभा चुनाव से पूर्व सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक शुरू होने के कयास लगाए जा रहे थे लेकिन ऐसा नहीं हो सका। कुछ समय पूर्व शासन ने अगस्त में ब्लॉक शुरू कराने के निर्देश दिए। हाल ही में शासन स्तर पर हुई बैठक में आलाधिकारियों ने इसके लिए कॉलेज प्रशासन को 15 सितंबर तक की मोहलत दे दी। कॉलेज अधिकारियों ने जब कार्यदायी संस्था से बात की तो उन्होंने निर्माण कार्य ही 15 सितंबर तक पूरा करने को कहा। ऐसे में शासन के सख्त निर्देश के बावजूद निर्धारित तिथि तक इसके शुरू होने की उम्मीद बहुत कम है। बताया गया कि ब्लॉक सितंबर के अंत तक या फिर अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में शुरू हो सकता है।
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छह अलग यूनिट बन रहीं
सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी की अलग-अलग यूनिट बन रहीं हैं। पांच मंजिला इस भवन की सभी यूनिट में एक-एक आईसीयू, एक-एक मॉड्यूलर ओटी, एक-एक वार्ड होगा। इसके अलावा एक माइनर ओटी, एक डायलिसिस यूनिट, ओपीडी ब्लॉक होगा। भवन में लिफ्ट की सुविधा मिलेगी।
डॉक्टर नियुक्त, मशीनें आईं
ब्लॉक के लिए डॉक्टरों की नियुक्ति कर दी गई है। सभी यूनिटों में एक-एक प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद सृजित किए गए हैं। इनमें प्लास्टिक सर्जरी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी और कार्डियोलॉजी के लिए एक-एक, जबकि न्यूरो सर्जरी और यूरोलॉजी के लिए दो-दो वरिष्ठ चिकित्सकों की तैनाती की जा चुकी है। हालांकि, इनमें से कुछ पहले से मेडिकल कॉलेज में कार्यरत हैं। वहीं, वेंटिलेटर, डायलिसिस मशीन समेत पल्स ऑप्टीमीटर, फर्नीचर आदि स्टोर में रखा हुआ है। जल्द ही इनको लगा दिया जाएगा।
किडनी ट्रांसप्लांट समेत कई सुविधा
ब्लॉक में शुरू होने जा रही नेफ्रोलॉजी यूनिट में मरीजों को किडनी ट्रांसप्लांट की भी सुविधा मिल सकेगी। नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि इसके अलावा यूनिट में कम रक्तचाप वाले मरीजों की भी डायलिसिस हो सकेगी। इसके लिए 22 लाख की सीआरआरटी मशीन आ रही है। अभी निजी अस्पतालों में यह डायलिसिस कराने पर एक बार में 10-12 हजार रुपये खर्च होते हैं। वहीं, यूरोलॉजी यूनिट में दूरबीन से पथरी के ऑपरेशन होने लगेंगे। निजी अस्पतालों में इसका खर्च 25 हजार रुपये आता है। प्लास्टिक सर्जरी की यूनिट में लंबी और माइक्रो सर्जरी हो सकेंगी। जैसे एक जगह का मांस हटाकर दूसरी जगह लगाना, किसी भी कटे अंग को जोड़ना आदि।
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सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का काम तेजी से चल रहा है। शासन द्वारा निर्धारित तिथि तक इसको शुरू कराने का पूरा प्रयास चल रहा है। पीएमएसएसवाई के तहत बन रहा यह ब्लॉक शुरू होने के बाद मरीजों को बहुत लाभ होगा। कई बड़ी सर्जरी, ऑपरेशन आदि यहां हो सकेंगे।
- डॉ. सुधीर कुमार, नोडल अधिकारी, सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक।
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