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कारोबारियों को रास नहीं आई पेंशन योजना

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झांसी। छोटे कारोबारियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार ने पिछले साल 12 सितंबर को प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मान-धन योजना की शुरुआत की थी। व्यापारियों के हित में इस योजना को मील का पत्थर बताया गया था। लेकिन, कारोबारियों को ये योजना रास नहीं आई है। इसी का नतीजा है कि मंडल के महज 660 व्यापारियों ने ही सरकार का ये सुरक्षा कवच अपनाया है।
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व्यापार मंडलों की ओर से लंबे समय से व्यापारियों को पेंशन दिए जाने की मांग की जा रही थी। इसी के मद्देनजर केंद्र सरकार की ओर से उक्त योजना शुरू की गई। इस योजना से 18 से 40 वर्ष की आयु में कोई भी व्यापारी जुड़ सकता है। बशर्ते उसका वार्षिक कारोबार डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का न हो। माना जा रहा था कि कारोबारियों की ओर से इस योजना को हाथों हाथ लिया जाएगा। लेकिन, परिणाम आशा के अनुरूप नहीं आए हैं। मंडल में अब तक महज 660 कारोबारियों ने ही इस योजना को अपनाया है। सबसे ज्यादा ललितपुर में 450 व्यापारी इस योजना से जुड़े हैं। जबकि, झांसी के 110 और जालौन के 100 कारोबारियों ने ही सरकार का ये सुरक्षा कवच लिया है।
55 से 200 रुपये तक है प्रीमियम
झांसी। इस योजना से जुड़ने के बाद हर माह व्यापारी को प्रीमियम जमा करना होगा। योजना से जुड़ने के वक्त की आयु के हिसाब से प्रीमियम तय किया जाता है। मसलन 18 साल के व्यक्ति को 55 रुपये मासिक और 40 साल की आयु वाले को 200 रुपये मासिक प्रीमियम अदा करना होगा। इसी प्रकार 30 वर्ष की आयु वाले प्रीमियम 105 रुपये प्रतिमाह लगेगा। यह राशि व्यापारी के द्वारा दर्ज कराए गए बैंक खाते से हर माह सीधे काट ली जाएगी।
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व्यापारियों के लिए ये बेहतरीन योजना है। साठ साल की आयु पूरी होने पर उन्हें हर माह तीन हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। जल्द ही इस योजना से ज्यादा से ज्यादा व्यापारियों को जोड़ने के लिए बाजारों में शिविर लगाए जाएंगे।
- नदीम अहमद, उप श्रमायुक्त
इस योजना के बारे में सुना जरूर है, लेकिन ज्यादा जानकारी नहीं है। इसका प्रचार प्रसार किया जाना चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा कारोबारियों को इसकी जानकारी हो सके।
- देवेंद्र
इस योजना में अधिकतम 40 वर्ष की आयु सीमा कम है। इसे बढ़ाया जाना चाहिए। कम से कम 50 साल तक के व्यापारी को इसमें शामिल किया जाना चाहिए।
- राजकुमार साहू
योजना के बारे में जानकारी नहीं है। सरकार को सभी छोटे कारोबारियों को अनिवार्य रूप से इसमें शामिल होने का प्रावधान करना चाहिए।
- वीरेंद्र
पेंशन के रूप में हर माह दी जाने वाली तीन हजार रुपये की राशि कम है। इसे बढ़ाया जाना चाहिए। क्योंकि, बीस साल बाद तीन हजार रुपये की ये राशि न के बराबर ही होगी।
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- नरेंद्र
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