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Jhansi News: ईवीएम से निकलेंगे मत... तय होगा बुंदेलखंड के सात दिग्गजों का सियासी कद

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हेडिंग ये भी- प्रत्याशियों का चुनाव परिणाम... बुंदेलखंड के सात दिग्गज नेताओं के लिए इम्तिहान
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- विधान परिषद के सभापति समेत दो राज्यमंत्री हैं बुंदेलखंड से, विपक्ष दलों में भी हैं सियासी रसूखदार
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। लोकसभा चुनाव को लेकर चार जून के मतगणना होनी है। झांसी-ललितपुर संसदीय सीट के लिए ईवीएम में डाले गए मतों की गिनती होगी। साथ मतगणना का परिणाम बुंदेलखंड में विधान परिषद के सभापति, दो राज्यमंत्री समेत सात दिग्गज नेताओं का सियासी कद तय करेगा। सपा और कांग्रेस के भी सियासी रसूखदारों का भी सियासी भविष्य काफी हद तक चुनाव परिणाम पर निर्भर करेगा।
बुंदेलखंड में लोकसभा की चार सीटें हैं। चाहें 2014 का चुनाव हो या फिर 2019 का, दोनों ही बार भाजपा ने यहां पर क्लीन स्वीप किया है। पांचवें चरण में 20 मई को बुंदेलखंड की सभी लोकसभा सीटों पर मतदान हो चुका है। चार जून को मतों की गिनती होनी है। ऐसे में सभी दलों के प्रत्याशियों की दिल की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। साथ ही चाहें सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, सभी पार्टियों के दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। बुंदेलखंड में भाजपा नेता कुंवर मानवेंद्र सिंह मौजूदा समय में विधान परिषद के सभापति हैं। बुंदेलखंड के बड़े नेताओं में उनकी गिनती होती है। ललितपुर जनपद के महरौनी विधायक मनोहर लाल पंथ लगातार दूसरी बार प्रदेश सरकार में श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री बनाए गए हैं। वहीं, बांदा के तिंदवारी विधायक रामकेश निषाद भी जल शक्ति राज्यमंत्री हैं।
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वहीं, सपा का बुंदेलखंड में सबसे बड़ा चेहरा पूर्व सांसद चंद्रपाल सिंह यादव हैं। उनके अलावा पूर्व राज्यसभा सांसद विशंभर निषाद की गिनती भी सपा के बड़े नेताओं में होती है। इन दोनों नेताओं की भी अपनी-अपनी सियासी जमीन है। इसके अलावा बुंदेलखंड में कांग्रेस के दो बड़े नेता हैं, एक पूर्व सांसद बृजलाल खाबरी और दूसरे पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी। नसीमुद्दीन जहां कांग्रेस के यूपी में स्टार प्रचारक हैं। वहीं, बुंदेलखंड में अपनी सियासी जमीन मजबूत करने के लिए कांग्रेस ने बृजलाल खाबरी को प्रदेश अध्यक्ष भी बनाया था। इस चुनाव में भाजपा से लेकर विपक्षी दलों तक के नेताओं ने अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए गांव-गांव प्रचार और सभाएं की हैं। वहीं, बसपा ने लोकसभा चुनाव के बीच में ही मुकेश अहिरवार को बुंदेलखंड प्रभारी की जिम्मेदारी दे दी थी। अब चुनाव परिणाम में प्रत्याशियों के साथ-साथ इन सभी दिग्गज नेताओं की भी परीक्षा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि लोकसभा चुनाव का परिणाम ही इन नेताओं का राजनीतिक भविष्य तय करेगा।


19 विधायकों की भी है परीक्षा
बुंदेलखंड में विधानसभा की 19 सीटें हैं। 2022 के चुनाव में 16 सीट भाजपा और गठबंधन पार्टी और तीन सीटें सपा ने जीती थी। लोकसभा चुनाव परिणाम बताएंगे कि किस विधायक के विधानसभा क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी को कितने वोट मिले हैं। ऐसे में ये चुनाव परिणाम एक तरह से विधायकों का भी रिपोर्ट कार्ड पेश करेगा।
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हर पार्टी के बड़े नेता ने झोंकी ताकत
लोकसभा चुनाव में हर पार्टी के शीर्ष नेताओं ने अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए बुंदेलखंड में जनसभाएं से लेकर रोड शो करके ताकत झोंकी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां हमीरपुर में जनसभा कर पूरे बुंदेलखंड को साधा। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड के जालौन, महोबा आदि जिलों में जनसभाएं की। झांसी में सीएम ने रोड शो किया। इसके अलावा सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी बुंदेलखंड के बांदा, जालौन आदि जिलों में जनसभा की। झांसी में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और अखिलेश की संयुक्त जनसभा हुई। बसपा प्रमुख मायावती ने भी झांसी और बांदा में जनसभा कर पार्टी प्रत्याशियों के लिए वोट मांगे।
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