झांसी। नाम रामहित था लेकिन अंग्रेजी में लिखते समय ‘हित’ को ‘हिट’ समझ लिया गया। फिर हिंदी में अर्थ निकला तो रामहित बन गया ‘राम ने मारा’। इसी तरह फूलचंद्र के नाम में फूल की जगह अंग्रेजी के ‘फूल’ का दूसरा अर्थ हावी हो गया और नाम पहुंच गया ‘मूर्ख चंद’ तक। इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक एमएलसी चुनाव की मतदाता सूची में नामों के साथ हुई ऐसी ही गड़बड़ियां इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
किसी मतदाता का नाम ‘राम ने शर्मा को मारा’ दर्ज हो गया तो किसी के पिता का नाम ‘मूर्ख चंद्र यादव’ लिख दिया गया। मतदाता पर्चियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला लखनऊ के आला अधिकारियों तक पहुंचा।
शुक्रवार को होने वाले स्नातक एमएलसी चुनाव से पहले मतदाता सूची में नामों की इन अजब-गजब गड़बड़ियों ने निर्वाचन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल पर्चियों में नामों की ऐसी उलटफेर दिखी कि लोग भी हैरान रह गए। कार्यालय क्षेत्र पंचायत फूलपुर मतदेय स्थल की एक पर्ची में मतदाता और उसके पिता का नाम ‘टक्कर मारना’ दर्ज मिला। वहीं, कार्यालय क्षेत्र पंचायत बहादुरपुर मतदेय स्थल की पर्ची में मतदाता का नाम ‘राम ने यादव को मारा’ और पिता का नाम ‘मूर्ख चंद्र यादव’ लिखा मिला। एक अन्य सूची में मतदाता का नाम रवि शर्मा था, जबकि पिता के नाम वाले कॉलम में ‘राम ने शर्मा को मारा’ दर्ज था।
अंग्रेजी के फेर में बिगड़े नाम
सूत्रों के अनुसार, नामों में इस गड़बड़ी के पीछे एआई आधारित सॉफ्टवेयर और अंग्रेजी से हिंदी में रूपांतरण की चूक की आशंका जताई जा रही है। बताया गया कि रामहित नाम को अंग्रेजी में लिखने के दौरान ‘हित’ को ‘हिट’ समझ लिया गया। इसी तरह फूलचंद के नाम में अंग्रेजी के ‘फूल’ शब्द का दूसरा अर्थ लेकर उसे ‘मूर्ख’ के रूप में दर्ज कर दिया गया। हालांकि, इन गड़बड़ियों के पीछे की तकनीकी वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हैरानी की बात यह है कि नामों में हुई इस उलटफेर को सूची तैयार करने और जांचने के दौरान भी नहीं पकड़ा जा सका। मंडलायुक्त की जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद अब इसके लिए जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की बात कही जा रही है।
करीब 30 मामले, सूची सुधारने के निर्देश
इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर एवं मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे के अनुसार, टंकण त्रुटियों के चलते पूरे निर्वाचन क्षेत्र में ऐसे करीब 30 मामले सामने आए हैं। मतदाता सूची को तत्काल शुद्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लिपिकीय त्रुटि के कारण किसी भी मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा। सभी जिलों में कंट्रोल रूम खोलने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि मतदाता सूची में नाम संबंधी गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर तत्काल सुधार कराया जा सके।