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वाणिज्यकर की ब्याज माफी योजना पर ‘कोरोना का असर’

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झांसी। व्यापारियों के बकाया टैक्स पर लगाए गए ब्याज में छूट देने के लिए वाणिज्यकर विभाग की ‘ब्याज माफी योजना-2021’ चल रही है। लेकिन यह योजना कोरोना काल में परवान नहीं चढ़ सकी है। ढाई महीने बाद भी महज 50 व्यापारियों ने इसमें रुचि दिखाई है। वाणिज्यकर विभाग के अमीनों की ड्यूटी कोविड के कार्यों में लगा दी गई है, इस कारण काम और प्रभावित हो गया है। योजना तीन जून तक लागू है।
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शासन ने अधिक से अधिक राजस्व जमा कराने के लिए व्यापारियों को ब्याज में छूट देने का प्रावधान किया है। योजना के अंतर्गत व्यापारी को विभागीय पोर्टल पर आवेदन करना होता है। इसके लिए वाणिज्यकर विभाग में हेल्प डेस्क बनाई गई है। योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के मूल बकाया वाले छोटे व्यापारियों को पूरा बकाया जमा करने पर शत - प्रतिशत ब्याज में छूट का प्रावधान किया गया है।
मार्च की शुरूआत में योजना लागू की गई और तीन जून तक व्यापारियाें को योजना का लाभ लेने का मौका दिया गया है। लेकिन योजना में केवल दस दिन का समय बचा है और अब तक सिर्फ पचास व्यापारियों ने ही आवेदन किया है। वैट के साथ मनोरंजन कर के बकाएदार व्यापारियों को भी ब्याज माफी योजना का लाभ दिया जा रहा है। योजना 31 दिसंबर-2020 तक की बकाया राशि पर लगे ब्याज पर लागू है। योजना के तहत मिले आवेदनों को संबंधित अधिकारियों से सत्यापित कराया जा रहा है। व्यापारियों की ओर से पूरी बकाया राशि जमा करने और योजना के तहत ब्याज में छूट देने के बाद 30 दिनों में संबंधित व्यापारी को ‘नो ड्यूज’ जारी कर दिया जाएगा।
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जैसे ही योजना शुरू हुई और इसका प्रचार- प्रसार किया गया, इसी दौरान कोरोना की लहर आ गई और काम ठप हो गया। इसी दौरान पंचायत चुनाव और मतगणना के दौरान वाणिज्यकर विभाग में 50 कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो गए। इससे विभागीय काम प्रभावित हो गया। कोरोना की लहर बढ़ने पर राजस्व वसूली में योगदान देने वाले अमीनों को कोविड ड्यूटी में लगा दिया गया। इससे रही- सही कसर पूरी हो गई। जो थोड़ा बहुत राजस्व वसूला जाता, वह भी नहीं हो सका। कोविड के कारण व्यापारियों ने भी इसमें रुचि नहीं ली और इसी का नतीजा रहा कि सिर्फ 50 व्यापारी ही आगे आए और उन्होंने ब्याज माफी योजना का लाभ उठाया। व्यापारियों ने पंजीकरण कराकर 16 लाख रुपये जमा किया है।
वाणिज्यकर विभाग में दस अमीन हैं, लेकिन सभी को कोरोना ड्यूटी में लगा दिया गया है। इस कारण व्यापारियों से वसूली न के बराबर हुई है। कोरोना संक्रमण का भी राजस्व वसूली पर असर पड़ा है। फिर भी पचास व्यापारियों ने योजना के अंतर्गत आवेदन किया है। - बीपी मिश्रा, एडीशनल कमिश्नर ग्रेड वन।
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