मेडिकल कॉलेज को 60 एंटी फंगल इंजेक्शन मिले, खत्म भी हो गए
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज को सोमवार को शासन की तरफ से 60 एंटी फंगल इंजेक्शन एम्फोटेरेसिन बी उपलब्ध कराए गए। मगर यह सभी इंजेक्शन सोमवार को ही खत्म हो गए। अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन को मंगलवार को 25 इंजेक्शन और मिलने की उम्मीद है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने शासन को मांग भेजी है।
ब्लैक फंगस का ऑपरेशन करने के बाद एंटी फंगल इंजेक्शन मरीजों को लगाया जाता है। अभी मेडिकल कॉलेज में एक भी इंजेक्शन नहीं था। ऐसे में मरीजों को परेशानी हो रही थी। डॉक्टरों के मुताबिक ब्लैक फंगस खून की नसों को सड़ा देता है। उस हिस्से को ऑपरेशन करके निकालना पड़ता है। ऑपरेशन के बाद एंटी फंगल इंजेक्शन एम्फोटेरेसिन बी लगाते हैं। ताकि, ऑपरेशन के दौरान नैनो फंगस छूट जाए तो इंजेक्शन उसे धीरे-धीरे खत्म कर देता है। किसी मरीज को दो तो किसी को चार इंजेक्शन रोज लगते हैं। ऑपरेशन के बाद मरीज का छह से आठ सप्ताह तक इलाज चलता है। शासन की तरफ से एक सप्ताह पहले मेडिकल कॉलेज को 50 एम्फोटेरेसिन बी इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए थे, जिसमें से पांच इंजेक्शन उरई मेडिकल कॉलेज भेज दिए गए थे। बाकी, मरीजों को लगा दिए गए। मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज में एक भी एंटी फंगल इंजेक्शन उपलब्ध नहीं था। कॉलेज प्रशासन की तरफ से शासन को मांग भेजी गई थी। शासन ने सोमवार को मेडिकल कॉलेज को 60 और एम्फोटेरेसिन बी इंजेक्शन उपलब्ध करा दिए, मगर यह सभी इंजेक्शन सोमवार शाम तक खत्म भी हो गए। बताया जाता है कि एक मरीज को एक दिन में छह इंजेक्शन लगाए जाते हैं। मेडिकल कॉलेज मेें भर्ती 10 मरीजों को सोमवार को सारे इंजेक्शन लगा दिए गए। मेडिकल कॉलेज को मंगलवार को 25 और इंजेक्शन मिलने की उम्मीद है।
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शासन की तरफ से सोमवार को 60 एम्फोटेरेसिन बी इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए थे। एक मरीज को एक दिन भी छह इंजेक्शन लगाए जाते हैं। मेडिकल कॉलेज में भर्ती 10 मरीजों को इंजेक्शन लगा दिए गए। मंगलवार को 25 और इंजेक्शन शासन से मिल जाएंगे। - डॉ. हरिश्चंद्र आर्या, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज