झांसी। बीएसएनएल अब मोबाइल के वीआईपी नंबर नहीं बेचेगा। विभाग पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर नंबर देगा। यह सुविधा केवल पोस्टपेड संयोजन लेने पर ही दी जाएगी। नंबर पाने के लिए 28 मार्च से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
भारत संचार निगम लिमिटेड झांसी क्षेत्र के पोस्टपेड मोबाइल संयोजन लेने की इच्छा रखने वाले नए उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी है। यह खुशखबरी उन लोगों के लिए विशेष है, जिन्हें वीआईपी नंबर लेने का शौक है। क्योंकि बीएसएनएल ने नए पोस्टपेड उपभोक्ताओं को वीआईपी नंबर देने के बदले लिया जाने वाला अतिरिक्त चार्ज न लेने का निर्णय लिया है। नया पोस्टपेड संयोजन और वीआईपी नंबर लेने पर लिया जाने वाला 859 रुपये का अतिरिक्त शुल्क अब नहीं लिया जाएगा। नए उपभोक्ताओं से महज सिक्योरिटी राशि 520 रुपये और 20 रुपये सिमकार्ड कास्ट ली जाएगी। साथ ही उनके मांगने पर उपलब्ध वीआईपी नंबरों की सूची में से उनका पसंदीदा नंबर उन्हें आवंटित कर दिया जाएगा। इनमें अंतिम तीन अंकों के 786, 111, 222, 333, 444 आदि अन्य नंबर शामिल हैं।
बीएसएनएल झांसी क्षेत्र के महाप्रबंधक दयाशंकर यादव ने बताया कि इन नंबरों को बिना अतिरिक्त चार्ज लिए देने पर कंपनी की कुछ शर्तें लागू होती हैं। इनमें सर्वप्रथम उपभोक्ता को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह कम से कम छह माह तक इस नंबर को पोस्टपेड प्लान के अंतर्गत इस्तेमाल करेगा। साथ ही किसी अन्य कंपनी में पोर्टेबिलिटी के तहत परिवर्तित नहीं करेगा। उस नंबर को वह छह माह तक बंद नहीं कर सकेगा। यदि उपभोक्ता इन शर्तों का उल्लंघन करेगा तो उसकी सिक्योरिटी राशि वापस नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि 23 मार्च 2016 को यह योजना लांच हुई है। झांसी कार्यालय में इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन सोमवार 28 मार्च से प्रारंभ होंगे। इसके तहत वीआईपी नंबरों की निर्धारित संख्या को देखते हुए पहले आओ, पहले पाओ का सिद्धांत लागू किया जाएगा।